Tue. Feb 27th, 2024

अयोध्या रामोत्सव के अंतर्गत सरयू किनारे स्थित “राम कथा पार्क” में राम भजनों की धूम में श्रद्धालु पूरी तरह से विभोर होकर आह्लादित दिखे। प्रतिदिन चलने वाली सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में लखनऊ से आई डा.कुसुम वर्मा ने “जन जन के राम” की प्रस्तुति में ऐसी रसधारा प्रवाहित की जिसके आनंद में सभी भीग गए। “हमरे अंगना राम के जन्म होई” भजन गाकर त्रेता के राम जन्म की प्रतीक्षा को व्यक्त किया तो अगले ही भजन में “राम जी कय जन्म भईल,चैत राम नवमी” गाकर प्रभु राम के जन्म का वातावरण पांडाल में बना दिया।श्रद्धालु जन सजल आंखो से मंच के सामने आकर भगवान के बाल रूप की बलैया लेने लगे।हिलोरे लेते भक्ति भावना के बीच कुसुम वर्मा ने अपना भजन “जन जन के राम” जैसे गाया, मंच के सामने सभी दर्शक आकर नृत्य करने लगे।रामरस में डूबे पंडाल में अगला भजन “सारी नगरिया में छाया है बस एक नाम जी,वो है अयोध्या धाम जी” जैसे गाया, सभी दर्शक जय जय सियाराम का जयघोष करने लगे। श्रीराम बने सृजन वर्मा और सीता बनी सुप्रिया तिवारी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे ।


इसके बाद गुजरात के आए दल ने वनराज सिंह के निर्देशन में मिश्ररास की प्रस्तुति की। राधा कृष्ण की छेड़छाड़ को पारंपरिक गरबा शैली में जैसे ही कलाकारो ने मंच पर किया सभी उठकर एक बार फिर झूमने लगे और ताल से ताल मिलाने लगे। श्रद्धालुओं की आस्था के मध्य मंच पर महाराष्ट्र के कलाकार निरांत गाड़गे के निर्देशन में आए और सबसे पहले “डिंढी” के आरंभ में राम भजन “हरे रामा,हरे रामा ” प्रस्तुत किया। इसके बाद पंढरपुर में विट्ठल जी की यात्रा में गाते बजाते भक्त जिस तरह नृत्य और भजन करते जाते है,कलाकारो ने मंच पर सजीव वो दृश्य उपस्थित कर दिया।अपनी वेशभूषा और मंजीरे के साथ नृत्य से महाराष्ट्र के कलाकारो ने सभी को मुग्ध कर दिया।अंतरराष्ट्रीय रामायण एवम वैदिक शोध संस्थान के निदेशक डा. लव कुश द्विवेदी के निर्देशन में कलाकारो का सम्मान प्रेस क्लब अयोध्या के अध्यक्ष महेंद्र त्रिपाठी,शिव पूजन शुक्ल,और कार्यक्रम के समन्वयक अतुल सिंह ने किया। देर रात तक चले कार्यक्रम के भारी संख्या में संतजन और विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक देश दीपक मिश्र ने अपने प्रभावपूर्ण अंदाज में किया

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