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जानिये खजूर के क्या क्या हैं फायदे,जानिये खजूर के क्या क्या हैं फायदे, दुनिया में सबसे पहले कहाँ से आया था खजूर

खजूर का नाम लेते ही मुंह में मिठास-सी घुल जाती है। खजूर खाने में जितने मीठे होते हैं, उतने ही लाभकारी भी हैं। फाइबर से भरपूर खजूर में स्वाद के साथ ही सेहत के भी कई राज छिपे हैं। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको डेट्स के कई ऐसे फायदों के बारे में बताएंगे, जो आपकी सेहत के साथ ही स्किन और बालों को भरपूर पोषण देंगे। यूं तो फ्रूट्स हर किसी को पंसद होते हैं, लेकिन बात जब खजूर की होती है, तो इसका प्राकृतिक मीठापन इसे और खास बनाता है। यही वजह है कि खजूर एक लोकप्रिय खाद्य पदार्थ है। खजूर को इंग्लिश में डेट्स तो अरबी में तवारीख और फ्रेंच में पामियर के नाम से जाना जाता है। खजूर को ताड़ यानी पाल्म ट्री की प्रजाति का माना गया है। इसका पेड़ काफी बड़ा होता है और पत्तियां भी करीब चार-छह मीटर लंबी होती हैं। इसका वैज्ञानिक नाम फीनिक्स डेक्टाइली फेरा है | माना जाता है कि खजूर की खेती सबसे पहले इराक में शुरू हुई थी जिसके बाद यह अरब और अन्य देशों में उगाया जाने लगा। सिर्फ फल ही नहीं, बल्कि इसके बीज भी बड़े काम के हैं। कई बार इसके बीजों को कॉफी बीन्स में मिलाया जाता है और इसका प्रयोग कॉफी के विकल्प के तौर पर किया जाता है। वहीं, इसका तेल कॉस्मेटिक और साबुन बनाने में भी इस्तेमाल होता है आपको बता दें कि ताजे खजूर अगस्त से दिसंबर तक ही मिलते हैं, लेकिन सूखे खजूर साल भर बाजार में उपलब्ध रहते हैं।

आइए अब जानते हैं कि खजूर कितने प्रकार के होते हैं और इनमें से सबसे ज्यादा लोकप्रिय व फायदेमंद कौन से हैं।

खजूर के प्रकार –

दुनियाभर में दो सौ से अधिक किस्म के खजूर पाए जाते हैं, लेकिन यहां हम आसानी से मिल जाने वाले प्रकारों के बारे में बता रहे हैं :

अजवा (Ajwa) – अजवा खजूर लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है। अरब के मदीना से आने वाला यह खजूर स्वाद के साथ ही काफी सेहतमंद और मुलायम होता है। अजवा खजूर अन्य खजूर के मुकाबले छोटा होता है। माना जाता है कि इस खजूर को खाने के बाद मुंह से गुलाब की खुशबू आने लगती है |

डेगलेट नूर (Deglet noor) – ट्यूनीशिया और अल्जीरिया की सबसे अच्छी खजूर की किस्मों में से एक डेगलेट नूर है। इसकी खासियत यह है कि यह थोड़ा सूखा और कम मीठा होता है। ये कई पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है इस खजूर का इस्तेमाल आमतौर पर भोजन में किया जाता है।

मेडजूल (Medjool)– इस खजूर की उत्पत्ति मोरक्को में हुई, जिसे काफी स्वादिष्ट माना जाता है। मेडजूल का स्वाद टॉफी की तरह होता है। मेडजूल को सबसे पौष्टिक भी माना जाता है। यह काले खजूर की सबसे आम प्रजाति है।

हल्लवी (Hallawi) – यह खजूर ताजा खाने में काफी स्वादिष्ट लगता है। खजूर की यह प्रजाति इराक से ताल्लुक रखती है। इसमें घुलनशील ठोस पदार्थ 28 से 42 प्रतिशत के बीच होते हैं। हल्लवी खजूर बारिश को भी काफी हद तक सहन कर सकते हैं। इस खजूर को अन्य खजूरों के मुकाबले बेहद मीठा माना जाता है। हेल्लवी खजूर आकार में छोटा होता है।

बरही (Barhee) – बरही खजूर सुनहरे पीले रंग का होता है। यह खजूर अपने अलग स्वाद और अधिक गूदे के लिए जाना जाता है। इस खजूर में ज्यादा गूदा होने की वजह से यह अन्य खजूरों के मुकाबले मोटा होता है। साथ ही काफी मुलायम भी होता है।

हयानी (Hayany)– ये खजूर काफी मुलायम होने के साथ ही काफी गहरे रंग का होता है। हयानी खजूर को ताजा ही खाना चाहिए, क्योंकि यह पकने या ड्राई होने की अवस्था तक पहुंचते-पहुंचते खराब हो जाता है।

खदरावई (Khadrawi) – खदरावई किस्म का खजूर खासकर इराक में ही पाया जाता है। इस खजूर के पेड़ अन्य खजूरों के मुकाबले कम लंबे होते हैं। इसे सूखे खजूर यानी छूआरे और ताजे फल दोनों तरह से खाया जा सकता है।

डेयरी (Dayri) – यह खजूर काले रंग का होता है। साथ ही यह अन्य खजूरों के मुकाबले काफी लंबा होता है।

इतिमा (Itima) – यह खजूर भी स्वाद में काफी मीठा होता है। इतिमा अल्जीरिया की प्रजाति है

क्या खजूर हमारी सेहत के लिए अच्छे हैं?

फल और मेवे दोनों तरह से खाए जाने वाला खजूर कई मायनों में फायदेमंद है। यह कैल्शियम, पोटैशियम, प्रोटीन, मैंगनीज, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक, विटामिन-बी6, ए और के से भरपूर होता है। इसके अलावा खजूर में कार्बोहाइड्रेट, आयरन, लाभदायक फैट्स, डायटरी फाइबर और फैटी एसिड्स होते हैं । ये सभी पोषक तत्व हमारे शरीर को रोगों से बचाते हैं।

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