उत्तराखंड : खत्म हुआ इंतजार 6 मई की सुबह खुल जाएंगे केदारनाथ धाम के कपाट

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6 मई की सुबह खुल जाएंगे धाम के कपाट

बाबा केदारनाथ के दर्शन करने के लिए भक्तों का इंतजार शुक्रवार को खत्म हो जाएगा. बाबा के मंदिर के कपाट सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर खुलेंगे. इस बीच बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली आज गौरीकुंड से केदारनाथ धाम पहुंच गई, बाबा के दर्शन के लिए अब तक 1 लाख 30 हजार श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है. गौरीकुंड से शुरू हुई केदारनाथ धाम की 21 किलोमीटर यात्रा श्रद्धालुओं से खचाखच भरी हुई थी, लोग हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते जा रहे थे.

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उत्तर और दक्षिण भारत की धार्मिक संस्कृति का केंद्र है केदारनाथ धाम

कोरोना काल के 2 साल बाद पहली बार केदारनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोले जा रहे हैं. इसे लेकर स्थानीय लोगों में भी काफी उत्साह है. हालांकि, मॉनसून सीजन में खराब हुई सड़कों को यात्रा शुरू होने से पहले तक ठीक नहीं कराया जा सका है, अभी भी यहां पर जगह- जगह काम चल रहा है. लैंडस्लाइड की वजह से बने डेंजर जोन को भी अभी पूरी तरह सामान्य नहीं किया जा सका है.

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बाबा केदारनाथ की पंचमुखी भोगमूर्ति की विशेष पूजा-अर्चना की गई.

आपको बता दें कि, बाबा केदारनाथ का मंदिर भारतीयों के लिए केवल श्रद्धा और आस्था का ही केंद्र नहीं है, बल्कि उत्तर और दक्षिण भारत की धार्मिक संस्कृति का केंद्र भी है. उत्तर भारत में पूजा पद्धति अलग है, लेकिन बाबा केदारनाथ में पूजा दक्षिण की वीर शैव लिंगायत विधि से होती है. मंदिर के गद्दी पर रावल होते हैं, जिन्हें प्रमुख भी कहा जाता है.

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बाबा के दर्शन के लिए अब तक 1 लाख 30 हजार श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन.

बुधवार सुबह 6 बजे से फाटा में बाबा केदारनाथ की पंचमुखी भोगमूर्ति की विशेष पूजा-अर्चना की गई. धाम के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी टी-गंगाधर लिंग ने आराध्य का श्रृंगार कर भोग लगाया और आरती उतारी. इस मौके पर लोगों ने फूल, अक्षत से बाबा का स्वागत करते हुए दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की. सुबह 7.45 बजे बाबा की पंचमुखी डोली ने अपने धाम के लिए प्रस्थान किया. सीतापुर, सोनप्रयाग होते हुए बाबा केदार की डोली दिन 11 बजे अंतिम रात्रि पड़ाव गौरीकुंड पहुंची, जहां ग्रामीणों, तीर्थपुरोहितों ने डोली का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया.