UP: भगवान श्री राम को लेकर दिए बयान पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने मांगी माफी, साधा अखिलेश पर निशाना

UP: भगवान श्री राम को लेकर दिए बयान पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने मांगी माफी, साधा अखिलेश पर निशाना

UP विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भले ही BJP ने निषाद पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया हो लेकिन निषाद पार्टी के अध्यक्ष और एमएलसी संजय निषाद आए दिन कोई न कोई ऐसा बयान दे देते हैं जिससे बीजेपी पशोपेश में पड़ जाती है। ऐसे ही प्रयागराज के सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए संजय निषाद ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम को लेकर एक विवादित बयान दिया।

जिसको लेकर यूपी के फ़तेहपुर पहुंचे निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने प्रभु श्रीराम के बारे में दिए गए अपने विवादित बयान पर माफी मांगते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि जो अपने घर-परिवार और चाचा को नहीं संभाल पाया वो प्रदेश क्या संभालेगा। इसके साथ ही अखिलेश यादव के हरदोई में जिन्ना वाले बयान पर पलटवार करते हुए संजय निषाद ने कहा कि जिस जिन्ना ने देश का बंटवारा किया,हजारों लाखों लोगों के कत्ले आम का जिम्मेदार हो उसको वो नायक बताते हैं अखिलेश यादव को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

निषाद पार्टी का सपा से गठबंधन क्यों टूटा

संजय निषाद ने कहा, भगवान राम और निषादराज दोनो ही हमारे लिए पूज्यनीय है। प्रभु राम का मंदिर बनाने के लिए हमारे समाज ने बहुत मेहनत की है। निषाद पार्टी का बीजेपी के साथ गठबंधन होने से विपक्ष परेशान है, बयान को विपक्ष तोड़ मरोड़कर पेश कर रहा है।

आपको बता दे हाल ही में संजय निषाद ने कहा की भगवान श्री राम और निषाद राज का जन्म मखौड़ा घाट पर हुआ, पुत्रयेष्ठ कामी यज्ञ में नियोग विधि से खीर खिलाने के बहाने हुआ, संजय निषाद ने कहा खीर खाने से कोई बच्चा नहीं होता। संजय निषाद ने भगवान श्री राम को राजा दशरथ का तथाकथित पुत्र बताया। संजय निषाद ने बताया कि श्रीराम राजा दशरथ के नहीं बल्कि श्रृंगऋषि निषाद के पुत्र हैं।

भगवान श्री राम को लेकर संजय निषाद ने कहा की उनके माता-पिता उन्हे नहीं समझ सके। यहां तक की अयोध्या वासी भी भगवान श्री राम को नहीं समझ पाए, लेकिन निषाद राज पहले ऐसी शक्ति थे। जिन्होंने भगवान श्री राम को पहचाना, ये बात उन्हे इजरायल के एक लायब्रेरी में पता चली। उन्होंने कहा की भगवान श्री राम की पहचान राजा निषाद को थी, इसलिए वे भगवान के समान है। राजा निषाद और भगवान श्री राम की गले मिलते हुई भव्य प्रतिमा लगाई जाए।