करोड़ों की कीमत का है ये कबूतर, बॉडीगार्ड करता है रखवाली

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ब्रसेल्स. किम नाम फिर से चर्चा में आ गया है. यह किम उत्तर कोरिया का तानाशाह नहीं बल्कि एक रेसिंग कबूतर है. जिसकी उम्र 2 साल है. इस कबूतर को पांच दिनों के अंदर फिर से एक बार दुनिया का सबसे महंगा कबूतर होने का तमगा मिला है. न्यू किम नाम की इस मादा कबूतर यानी कबूतरी को एक अज्ञात चीनी खरीदार ने रविवार को 1.6 मिलियन यूरो (14 करोड़ से ज्यादा रूपये) की विश्व रिकॉर्ड कीमतों पर खरीदा. कबूतर की नीलामी करवाने वाले ऑनलाइन नीलामीकर्ता कबूतर पैराडाइज ने इसके बारे में जानकारी दी. पीआईपीए के अनुसार, इस बिक्री ने ‘अर्मांडो’ नाम के एक अन्य बेल्जियन कबूतर की बिक्री के रिकॉर्ड को तोड़ा है, जिसे साल 2019 में एक चीनी कलेक्टर ने 12,52,000 यूरो यानी करीब 11 करोड़ रुपये में खरीदा था. हालांकि बोली शुरू होने के कुछ ही दिनों में एक दक्षिण अफ्रीकी कलेक्टर ने न्यू किम का दाम 1.3 मिलियन यूरो या करीब 11.9 करोड़ रुपये लगाया दिया था, जिसके बाद ही यह दुनिया का अब तक का सबसे महंगा कबूतर बना गया था. बता दें कि न्यू किम की नीलामी में शुरुआती कीमत मात्र 200 यूरो थी.

बेल्जियम के एंटवर्प की एक प्रसिद्ध कबूतरपालक कंपनी होक वान डे वूवर ने इस महीने अपने रेसिंग कबूतरों के पूरे संग्रह को बेचने के लिए बोली लगवाई. इसे चलाने वाली पिता और पुत्र की जोड़ी गैस्टन और कर्ट वान डे वूवर की साख कबूतरपालकों) के बीच बहुत अच्छी है. वे कबूतरों के लिए कई राष्ट्रीय खिताब पा चुके हैं और उनके कबूतरों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार पाये हैं. इसलिए इसमें कोई खास आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि उनके पक्षियों की ऑनलाइन नीलामी में भारी मांग रही. लेकिन इस मांग के बावजूद किसी ने नहीं सोचा था कि शो की स्टार, उनकी दो साल की न्यू किम नाम की कबूतरी दुनिया का सबसे महंगा कबूतर होने का रिकॉर्ड तोड़ देगी.

बेल्जियम में हैं नीलामी में भाग लेने वाले 20 हजार से ज्यादा कबूतर
पीआईपीए के अध्यक्ष निकोलस गिसेलब्रेच ने एएफपी को बताया, “मुझे विश्वास है कि यह एक विश्व रिकॉर्ड है, ऐसी कीमत पर कभी किसी कबूतर की आधिकारिक बिक्री नहीं हुई है.” उन्होंने यह भी कहा, “मुझे नहीं लगता था कि हम उस राशि तक पहुंच सकते हैं.” उन्होंने कहा, खरीदार, जिसका नाम नहीं बताया गया है, “वह शायद इससे प्रजनन करना चाहेगा”.
माना जा रहा था कि कीमतों में गिरावट दिखेगी क्योंकि नीलामियों में संभावित चैंपियन और जाने-माने विजेताओं के लिए सही कीमतें नहीं आ रही थीं. लेकिन यह अनुमान गलत साबित हुआ. बेल्जियम में अकेले ही वे 20,000 कबूतर हैं, जो बड़ी प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं.