हरियाणा में कोरोना के कहर के चलते स्कूलों का किया बंद, 30 नवंबर तक स्कूल बंद करने का आदेश जारी

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चंडीगढ़. हरियाणा में छात्रों को स्कूल खुलने का फिलहाल और इंतजार करना होगा. राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए खट्टर सरकार ने बड़ा फैसला किया है. हरियाणा सरकार ने कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर 30 नवंबर तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है. बता दें कि हरियाणा में कोरोना का कहर जारी है. कोरोना का सबसे ज्यादा असर स्कूलों में देखा जा रहा है. गुरुवार को हरियाणा के स्कूलों के 56 बच्चे और पॉजिटिव मिले हैं. अब तक 333 स्कूली बच्चे और 38 शिक्षक पॉजिटिव आ चुके हैं. ऐसे में सीएम मनोहर लाल ने कहा था कि कोरोना स्कूलों में प्रवेश कर गया है तो इस पर गंभीरता से पुनर्विचार करेंगे कि स्कूल खुले रखें या बंद करें.

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि योजना बनाएंगे कि हजार लोगों पर एक डॉक्टर दे सकें. उधर, रोहतक पीजीआई में आईसीयू के बेड भर गए हैं और इसको देखते हुए नए ओटी में 66 बेड का आईसीयू चलाने का निर्णय लिया है. बढ़ते केसों को देखते हुए एम्स निदेशक के नेतृत्व में केंद्र सरकार की एक टीम हरियाणा आएगी.

वहीं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को शुक्रवार को वैक्सीन की डोज कैंट सिविल अस्पताल में दी गई.

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने लगवाया  Covaxin का पहला टीका
हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कोवैक्सीन परीक्षण में वालंटियर के तौर पर खुद को टीका लगवाया है. राज्य में कोरोना वायरस महामारी के बचाव के लिए भारत बायोटेक और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की दवा कोवैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण आज से शुरू हो गया है. स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह कोवैक्सीन परीक्षण में वालंटियर के तौर पर खुद को डॉक्टरों की देखरेख में सबसे पहले टीका लगवाएंगे. वैक्सीन के पहला और दूसरे चरण का परीक्षण और विश्लेषण सफल रहा है और अब तीसरे चरण का परीक्षण शुरू किया जा रहा है. पहले और दूसरे चरण के ह्यूमन ट्रायल में करीब एक हजार वॉलंटियर्स को यह वैक्सीन दी गई थी. इस वैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण भारत में 25 केंद्रों में 26,000 लोगों के साथ किया जा रहा है. ये भारत में कोविड-19 वैक्सीन के लिए आयोजित होने वाला सबसे बड़ा ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल है.