PM Modi ने प्रेस कॉन्फ्रेंसिंग कर देश को किया संबोधित, 2022 को ‘ASEAN-भारत मित्रता वर्ष’ के रूप में मनाएंगे

पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंसिंग कर देश को किया संबोधित, 2022 को 'आसियान-भारत मित्रता वर्ष' के रूप में मनाएंगे

2022 चुनाव जैसे जैसे नज़दीक आ रहे हैं वैसे वैसे नेताओं ने अपनी अपनी कमर कस ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंसिंग रखते हुए देश को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें आसियान-भारत सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आसियान(ASEAN) देशों के साथ भारत के पुराने संबंध है। पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत और आसियान के बीच हजारों साल से जीवंत संबंध रहे हैं। इनकी झलक हमारे साझा मूल्य, परम्पराएं, भाषाएं, ग्रन्थ, वास्तुकला, संस्कृति, खान-पान दिखाते हैं। आसियान की unity और centrality भारत के लिए सदैव एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता रही है। कोरोना काल में आपसी संबंध और मजबूत हुए हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भारत-आसियान सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा दुनिया अब भी कोरोना से जूझ रही है। कोरोना काल में भारत को भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कोरोना महामारी के बाद आर्थिक सुधार सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर भी मंथन किया जाएगा।

Will Celebrate ASEAN-India Friendship Year in 2022': PM Modi Addresses  Summit

पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2022 में हमारी पार्टनरशिप के 30 वर्ष पूरे होंगे। भारत भी अपनी आज़ादी के 75 वर्ष पूरे करेगा। मुझे बहुत हर्ष है कि इस महत्वपूर्ण पड़ाव को हम ‘आसियान-भारत मित्रता वर्ष'(ASEAN-India Friendship Year) के रूप में मनाएंगे।

18वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन कोरोना महामारी, अंतर्राष्ट्रीय विकास, व्यवसायों और अन्य मुद्दों पर केंद्रित है। इसके साथ ही सम्मेलन में रणनीतिक साझेदारी की स्थिति की समीक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और वाणिज्य, कनेक्टिविटी और शिक्षा व संस्कृति सहित प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति पर चर्चा होगी।

आपको बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली और ब्रिटेन की पांच दिवसीय यात्रा पर गुरुवार को रवाना होंगे। इस दौरान वह जी-20 शिखर वार्ता में हिस्सा लेंगे। दो दिवसीय शिखर वार्ता 30 अक्तूबर से इटली में शुरू हो रही है। उसके बाद वह ग्लासगो, ब्रिटेन के दौरे पर जाएंगे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी जी-20 की अहम बैठक में दुनिया से अफगानिस्तान पर संयुक्त दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान करेंगे।