Pakistan: TLP के सामने इमरान खान ने घुटने टेके, जानें क्या हुई ‘सीक्रेट डील’

Pakistan: TLP के सामने इमरान खान ने घुटने टेके, जानें क्या हुई 'सीक्रेट डील'

पाकिस्तान(Pakistan) में जारी हिंसा अब थम सकती है। पाकिस्तानी पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले मुस्लिम कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक के सामने इमरान खान सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। पाकिस्तान ने टीएलपी के 2000 कार्यकर्ताओं को रिहा करने का फैसला किया है। यही नहीं इमरान सरकार ने टीएलपी को चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी है।

टीएलपी की हिंसा और धरने से घबराई इमरान खान सरकार ने पहले कार्रवाई की गीदड़भभकी दी लेकिन बाद में शर्मनाक समझौता कर लिया।इस डील के तहत पाकिस्तान सरकार ने टीएलपी के 860 कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया है, बदले में टीएलपी से मांग की गई है कि वह पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन को भी जल्द से जल्द रोक दे। पाकिस्तानी गृह मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। विभाग की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि टीएलपी के 860 कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया है, इन्हें बीते दिनों हुई हिंसा के बाद हिरासत में लिया गया था। किसी भी कार्यकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।

Pakistan arrests over 100 TLP members - Times of India

पूरे मामले की जानकारी

कुछ समय पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद का कार्टून क्लास में दिखाए जाने को अभिव्यक्ति की आजादी बताया था। यहीं से इस मामले की शुरुआत हुई । इस बयान के खिलाफ इस्लामिक पार्टी टीएलपी ने प्रदर्शन करते हुए मांग की कि पाकिस्तान से फ्रांस के राजदूत को जल्द से जल्द निष्कासित किया जाए। इस मांग के समर्थन में अप्रैल में पाकिस्तान में उग्र प्रदर्शन हुआ और हिंसा भड़क गई। इसके बाद पाकिस्तानी पुलिस ने टीएलपी प्रमुख साद रिजवी के साथ कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया था।

साद रिजवी की रिहाई को लेकर भड़की हिंसा

टीएलपी प्रमुख साद रिजवी को हिरासत में लिए जाने के बाद टीएलपी समर्थकों ने पाकिस्तान में प्रदर्शन शुरू कर दिया। बीते कुछ दिनों से जारी हिंसक प्रदर्शन में अब तक 21 लोगों की मौत की खबर सामने आ चुकी है। इसमें 10 पुलिसकर्मी तो वहीं 11 टीएलपी समर्थक शामिल हैं। बीते दिनों इमरान सरकार ने 350 कार्यकर्ताओं को रिहा किया था। अब 860 और समर्थकों को रिहा किया गया है।

Pakistan TLP: कौन है 'साद रिजवी'? जिसकी गिरफ्तारी के कारण जल रहा पाकिस्तान,  'आतंकियों' में तब्दील हुए प्रदर्शनकारी | Tehreek e Labbaik Pakistan protest  over saad rizvi ...

अभी तक प्रदर्शन खत्म होने की संभावना नहीं

इमरान सरकार के 860 टीएलपी कार्यकर्ताओं को रिहा करने के बाद भी , प्रदर्शन खत्म होने की कोई संभावना नहीं है। दरअसल, टीएलपी की मांग है कि उसके सभी कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए। इसको लेकर रविवार को पाकिस्तान सरकार और टीएलपी के बीच वार्ता भी हुई थी। इसके बाद टीएलपी के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे मौलवी मुनीबुर रहमान ने रविवार को सरकार के साथ समझौता किया।

इसके बाद उन्होंने घोषणा की कि टीएलपी के कार्यकर्ता लाहौर से 150 किमी दूर वजीराबाद में धरना देंगे। उन्होंने 10 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को मेन जीटी रोड छोड़ने को भी कह दिया है। हालांकि, मौलवी मुनीबुर ने ये भी चेतावनी दी है कि अगर पार्टी के और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जाता है तो ये समझौता रद्द हो जाएगा ।