पाकिस्तान ने फिर किया सीजफायर का उल्लंघन, सेना के 2 जवानों और 3 नागरिकों की मौत,7-8 पाकिस्तानी सैनिक हुए ढेर

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नई दिल्ली. दिवाली के मौके पर पाकिस्तान ने एक बार फिर सीमावर्ती क्षेत्रों में नापाक हरकत की है. शुक्रवार को पाकिस्तान ने एलओसी के पास अलग-अलग इलाकों में सीजफायर का उल्लंघन किया. पाकिस्तान द्वारा मोर्टार और अन्य हथियारों से गोले दागे गए. इसमें जम्मू-कश्मीर के बारामूला सेक्टर में बीएसएफ के सब-इंस्पेक्टर राकेश डोवाल शहीद हो गए. इसके साथ ही फायरिंग में एक नागरिक की भी मौत हुई है.

भारतीय सेना द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया है कि एलओसी के पास उरी सेक्टर तक कई जगहों पर पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग की गई. पाकिस्तान की इस हरकत का भारतीय सेना द्वारा मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. बारामूला के एसडीएम रियाज अहमद मलिक ने बताया, इस सीजफायर उल्लंघन में तीन स्थानीय लोगों की भी मौत हुई है. वहीं जम्मू-कश्मीर के कमलकोट सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ फायरिंग में एक नागरिक की मौत हो गई जबकि एक दूसरा नागरिक घायल हो गया. घायल को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. 

उरी के कमलकोट में भी तोड़ा सीजफायर

उरी के कमलकोट के अलावा बांदीपोरा के गुरेज सेक्टर और कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में भी सीजफायर उल्लंघन हुआ. इसी बीच ऐसी भी खबरें आ रही है कि, सेना ने घुसपैठ को देखते हुए घाटी के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं.अधिकारियों ने बताया कि उरी के कमलकोट सेक्टर के अलावा जम्मू कश्मीर में दो अन्य स्थानों पर पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया है. उन्होंने बताया कि बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में इजमर्ग और कुपवाड़ा जिले में केरन सेक्टर शामिल हैं.

7-8 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए
भारतीय सेना के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, नियंत्रण रेखा के पार से संघर्ष विराम उल्लंघन के जवाब में भारतीय सेना द्वारा की गई जवाबी गोलीबारी में पाकिस्तान सेना के 7-8 सैनिक मारे गए. मारे गए पाकिस्तानी सेना के सैनिकों की सूची में 2-3 पाकिस्तानी सेना विशेष सेवा समूह (एसएसजी) कमांडो शामिल हैं.

जानकारी के लिए बता दें कि गोलाबारी का यह सिलसिला शुक्रवार को सबसे पहले उत्तरी कश्मीर में जिला कुपवाड़ा में टंगडार व करनाह सेक्टर के धानी, सदपोरा, हाजीतारा और जद्दा चौकियों व उनके आसपास स्थित नागरिक बस्तियों से शुरू हुआ. पाकिस्तानी गोलाबारी से बचने के लिए टंगडार व करनाह सेक्टर में करीब एक दर्जन परिवार अपने मकानों को छोड़ निकटवर्ती सुरक्षित इलाकों में चले गए हैं.