Jammu Kashmir: अल्पसंखयक समुदाय के लोगों के लिए हवाई निगरानी कवर, अमित शाह लेंगे जायज़ा

Jammu Kashmir: अल्पसंखयक समुदाय के लोगों के लिए हवाई निगरानी कवर, अमित शाह लेंगे जायज़ा

जम्मू कश्मीर(Jammu Kashmir) में अब आतंकियों द्वारा टारगेट हमलों के बाद वहां के लोगों की सुरक्षा ‘ड्रोन ग्रिड’ के जरिए की जाएगी। पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से उन क्षेत्रों के लिए यह हवाई निगरानी कवर लगाया है जहां अल्पसंखयक समुदाय के लोग रह रहे है। शहर के केंद्र लाल चौक और आसपास के इलाकों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर दौरे के लिए आतंकी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगरानी का जायज़ा लेंगे।

आपको बता दे तीन हफ्तों में आतंकियों ने 11 मासूम आम नागरिकों की हत्या की जिसके बाद घाटी में भय का माहौल है। CRPF के DIG मैथ्यू-ए जॉन ने कहा कि अब कश्मीर पुलिस और CRPF मिलकर ड्रोन के ज़रिए उन इलाकों की निगरानी करेंगे जहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रहते हैं। कश्मीर में ऐसे 15 पॉकेट्स की पहचान हुई है जहां अल्पसंख्यक हिन्दू और सिख रहते हैं, और अब इन इलाकों की सुरक्षा ड्रोन से की जा रही है।

यह पहली बार होगा कि जब जम्मू-कश्मीर में ड्रोन ग्रिड के ज़रिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों और गैर स्थानीय मजदूरों पर हालिया हमलों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। मैथ्यू ने कहा कि लाल चौक और उसके आसपास के इलाकों में भी हवाई निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि लाल चौक में संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने के लिए पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा संयुक्त रूप से चौबीसों घंटे अतिरिक्त नाके लगाए गए हैं।

वहीं शाह के दौरे से पहले शुक्रवार को श्रीनगर के प्रताप पार्क इलाके में पुलिस और सीआरपीएफ ने ड्रोन का परीक्षण किया गया। बता दे, अनुच्छेद 370 और 35A हटाए जाने के बाद गृहमंत्री का यह पहला जम्मू-कश्मीर दौरा होगा। अक्टूबर महीने में कश्मीर में टारगेट किलिंग के 11 मामले सामने आए जिसमें दवाइयों का बिजनेस करने वाले कश्मीरी पंडित माखन लाल बिन्द्रू, स्कूल प्रिंसिपल सुपिंदर कौर, अध्यापक दीपक चांद, बिहार से रोज़ी रोटी कमाने आये वीरेंद्र पासवान, यूपी के सगीर अहमद, बिहार के अरविंद कुमार, राजा ऋषि देव और जोगिंदर ऋषि देव शामिल हैं।