Dhanteras 2021: धनतेरस पर इन चीजों को खरीदने से मां लक्ष्मी होती है प्रसन्न, जाने क्या हैं शुभ मुहूर्त

Dhanteras 2021

Dhanteras 2021: दीपाली का शुभ पर्व बस आने ही वाला है, इसकी धूमधाम आपको बाज़ारों में खूब देखने को मिलेगी। हिन्दू धर्म में दीवाली का बहुत महत्व है। दीपावली के दो दिन पहले से ही त्यौहार मनाने शुरू हो जाते हैं। ऐसे में दीवाली से पहले धनतेरस मनाया जाता है , जिसका हिन्दू धर्म में काफी महत्व है। इस दिन सोना-चाँदी खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन सोने चांदी खरीदने से लक्ष्मी का आगमन होता है।

धनतेरस का त्योहार कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस तिथि की शुरुआत 2 नवंबर को 11.31 AM से होगी और समाप्ति 3 नवंबर को 09:02 AM पर। प्रदोष काल शाम 05:35 से रात 08:11 बजे तक रहेगा। धनतेरस पूजा का मुहूर्त शाम 06:17 PM से रात 08:11 PM तक रहेगा। यम दीपम का समय शाम 05:35 PM से 06:53 PM तक रहेगा।

Dhanteras 2020 significance date shubh muhurat puja vidhi timing and  katha-Dhanteras 2020: Dhanteras 2020: आज धनतेरस, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा  विधि और कथा - India TV Hindi News

धनतेरस पूजा विधि: धनतेरस पूजा के समय भगवान सूर्य, भगवान गणेश, माता दुर्गा, भगवान शिव, भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, कुबेर देव और भगवान धन्वंतरि जी की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद भगवान धनवंतर‍ि की षोडशोपचार पूजा करें। भगवान धन्वंतरि को गंध, अबीर, गुलाल, पुष्प, रोली, अक्षत आदि चढ़ाएं। उनके मंत्रों का जाप करें। उन्हें खीर का भोग लगाएं। भगवान धन्वंतरि को श्रीफल व दक्षिणा चढ़ाएं। पूजा के अंत में कर्पूर से आरती करें। फिर घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं। एक दीपक यम देवता के नाम का जलाएं।

धनतेरस के दिन पीतल, चांदी, स्टील के बर्तन खरीदने की परंपरा है। मान्यता है इस दिन बर्तन खरीदने से धन समृद्धि आती है।
इस दिन शाम के समय घर के मुख्य द्वार और आंगन में दीपक जलाये जाते हैं। क्योंकि इस दिन से दीपावली के त्योहार की शुरुआत हो जाती है।
धनतेरस पर शाम के समय एक दीपक यम देवता के नाम पर भी जलाया जाता है। मान्यता है ऐसा करने से यमदेव प्रसन्न होते हैं और परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु से सुरक्षा करते हैं।