Agni-5 : भारत द्वारा सफल हुआ परीक्षण, बीजिंग-पाकिस्तान और पूरा एशिया रेंज में

Agni - 5 : भारत द्वारा सफल हुआ परीक्षण, बीजिंग-पाकिस्तान और पूरा एशिया रेंज में

Agni-5: विकास की बात करें तो भारत दिन पर दिन हर क्षेत्र में अपना नाम छोड़ रहा है। भारत ने 2014 में मंगलयान को मार्स पर भेजा था। अब एक ऐसी ही खबर और आई है कि भारत ने बुधवार को अग्नि-5(Agni-5) का सफल परीक्षण किया। इसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है लेकिन सबसे ज़्यादा जलन चीन को हो रही हैं। अग्नि-5 के सफल परीक्षण के बाद चीन का लगभग कोई शहर नहीं है जो भारतीय मिसाइल की जद से बाहर हो।

अग्नि-5 को डीआरडीओ और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने तैयार किया है। ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से भारत ने इसका सफल परीक्षण किया। यह परमाणु सक्षम और सतह से सतह पर 5,000 किलोमीटर रेंज तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। दुश्मन के किसी भी शहर को यह देखते ही देखते नेस्तनाबूद कर सकती है। इसका वजन करीब 50 हजार किलोग्राम है। मिसाइल 1.75 मीटर लंबी है। इसका व्यास 2 मीटर है। यह अपने साथ 1.5 टन वॉरहेड ले जाने में समर्थ है। इसका मतलब हुआ कि यह मिसाइल 1500 किलोग्राम तक के परमाणु हथियार अपने साथ ले जा सकती है।

इसका निशाना अचूक है। भारतीय इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) अपनी सबसे तेज गति से 8.16 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से चलने वाली ध्वनि की गति से 24 गुना तेज है। यह 29,401 किलोमीटर प्रति घंटे की हाई स्‍पीड हासिल कर सकती है। इसे मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च किया जा सकता है।

आईसीबीएम(ICBM) में किसी मिसाइल को कुछ खास पैमाने पूरा करने पर ही जगह मिलती है। देखा जाता है कि इन मिसाइलों की रेंज इतनी है कि वो एक कॉन्टि‍नेंट यानी महाद्वीप को पार कर दूसरे महाद्वीप तक पहुंच सकती हैं कि नहीं। अग्नि-5 इस पैमाने पर खरी उतरती है। अग्नि-5 मिसाइल की एक और खूबी यह है कि इसमें मेनटिनेंस की जरूरत कम है। साथ ही इसका ट्रांसपोर्टेशन भी आसान है।

आपको बता दें, अग्नि के अलग-अलग वैरियंट बनाने वाला डीआरडीओ ‘मल्‍टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्‍हीकल (एमआईआरवी)’ भी तैयार कर रहा है। एमआईआरवी पेलोड में एक मिसाइल में चार से छह न्‍यूक्लियर वॉरहेड ले जा सकेगी। इन्‍हें अलग-अलग टारगेट को हिट करने के लिए प्रोग्राम किया जा सकता है।