देश में मिले डेल्टा प्लस वैरिएंट के 40 मामलों ने बढाई चिंता, कई राज्यों में हुआ अलर्ट

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कोरोना के डेल्टा प्लस वायरस ने बढ़ाई चिंता

कोरोना वायरस की दूसरी लहर अपनी उतार पर है. देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कमी आई है. इसी बीच डेल्टा प्लस वैरिएंट ने एक बार फिर से चिंता बढ़ा दी है. देश में कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. अब तक देश में इस वैरिएंट के 40 मामले सामने आए है.

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देश में अब तक डेल्टा प्लस वैरिएंट के 40 मामले दर्ज किए गए है

सरकारी सूत्रों की जानकारी अनुसार देश में अब तक डेल्टा प्लस वैरिएंट के 40 मामले दर्ज किए गए है.इस वैरिएंट के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से सामने आए है. देश में अब तक 4 राज्यों में डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले मिले है. ये राज्य महाराष्ट्र,केरल, तामिलनाडु, मध्य प्रदेश है.

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देश में अबतक डेल्टा प्लस वेरिएंट के 40 मामले सामने आए हैं

सरकार के मुताबिक भारत उन 10 देशों में से एक है जहां डेल्टा प्लस वैरिएंट मिला है. बता दें कि दुनिया भर के 80 देशों में डेल्टा वैरिएंट मिल चुका है. डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर सबसे चिंताजनक बात ये है कि ये वैरिएंट वैक्सीन और इम्यूनिटी को चकमा दे सकता है. कोरोना वायरस का डेल्टा प्लस वैरिएंट भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस में मिला है.

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कोरोना वायरस का डेल्टा प्लस वैरिएंट भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस में मिला है.

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) ने सूचना दी थी कि डेल्टा प्लस स्वरूप, ‘‘वर्तमान में चिंताजनक स्वरूप (वीओसी)’’ है, जिसमें तेजी से प्रसार, फेफड़े की कोशिकाओं के रिसेप्टर से मजबूती से चिपकने और ‘मोनोक्लोनल एंटीबॉडी’ प्रतिक्रिया में संभावित कमी जैसी विशेषताएं हैं.

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देश में कोरोना से लड़ने में वैक्सीनेशन को बनाया गया है मुख्य अधिकार

भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं का एक समूह है जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गठित किया है. आईएनएसएसीओजी वायरस के नए स्वरूप और महामारी के साथ उनके संबंधों का पता लगा रहा है.