लखनऊ- सहकारी बैंक से 146 करोड़ ट्रांसफर मामले का खुलासा, पूर्व प्रबंधक सहित दो गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लि. के एनएडी अनुभाग (कृषियेत्तर ऋण अनुभाग) के खाते से 146 करोड़ रुपये उड़ाने के मामले में दो को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गये आरोपियों में कोआपरेटिव बैंक के पूर्व प्रबंधक आरएस दुबे और सागर सोलर प्रा. लि. फर्म के मालिक सुखसागर सिंह चौहान शामिल हैं। जांच में सामने आया कि यह रकम सुखसागर के भाई गंगा सागर सिंह के भूमिसागर नाम की फर्म में ट्रांसफर किये गये हैं। साइबर क्राइम थाने की टीम इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

एसपी साइबर क्राइम प्रो. त्रिवेणी सिंह के मुताबिक उप्र कोआपरेटिव बैंक हजरतगंज से 15 अक्तूबर को ऋण अनुभाग के खुले खाते से 146 करोड़ रुपये बैंक कर्मचारी विकास पांडेय और प्रबंधक मेवालाल की आईडी व पासवर्ड प्रयोग कर सात खातों में ट्रांसफर किये गये। यह रकम एचडीएफसी व आईसीआईसीआई बैंक के लखनऊ के खाते में आरटीजीएस की गई है।

जानकारी होने पर एडीजी साइबर क्राइम सुभाष चंद्र व डीआईजी एन कोलांची ने जांच का आदेश दिया। जांच साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर अजीत यादव व बृजेश यादव द्वारा शुरू की गई। जांच में सामने आया कि कोआपरेटिव बैंक के खाते से यह रकम भूमिसागर कंस्ट्रक्शन और सागर सोलर प्रा. लि. फर्म के खातों में भेजी गई है। इस हेराफेरी में बैंक के कई पूर्व व वर्तमान कर्मचारी शामिल थे।

साइबर क्राइम टीम ने इस मामले में इंदिरानगर के सेक्टर-11 निवासी पूर्व प्रबंधक आरएस दुबे और गोमतीनगर विरामखंड-3 निवासी सागर सोलर प्रा. लि. कंपनी के मालिक सुखसागर सिंह चौहान को बुधवार देर शाम को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ की गई। जिसके आधार पर अन्य कर्मचारियों व अधिकारियों की कुंडली खंगाली जा रही है। आरोपियों के पास से एक मोबाइल व बैंक खातों की डिटेल मिली है।

आईडी पासवर्ड चोरी कर किया गया फर्जीवाड़ा
एसपी साइबर क्राइम प्रो. त्रिवेणी सिंह के मुताबिक इतनी बड़ी रकम को उड़ाने के लिए आरोपियों ने एक गिरोह बनाया। जिसमें बैंक के अधिकारी, कर्मचारी और कंपनी के मालिक शामिल हुए। इसके बाद किन खातों में रकम है। इसकी जानकारी की गई। फिर रिटायर्ड कर्मचारी की मदद से बड़े फर्म के खातों में करोड़ों रुपये की रकम ट्रांसफर की गई। इसके लिए बैंक के अंदर काम करने वाले पूर्व व वर्तमान कर्मचारियों ने काफी दिनों तक रेकी की। ताकि आसानी से रकम ट्रांसफर किया जा सके। वारदात के लिए जानबूझकर शनिवार का दिन चुना गया। इस दिन बैंक बंद रहता है। सबसे अधिक रकम 74 करोड़ रुपये भूमिसागर कंस्ट्रक्शन और सागर सोलर प्रा. लि. फर्म के खातों में भेजी गई।
इनकी भूमिका संदिग्ध, हुए निलंबित
इतनी बड़ी रकम की हेराफेरी की विभागीय जांच शुरू हुई तो शुरूआती पड़ताल में दस कर्मचारियों व अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मिली। इसके आधार पर इन लोगों को निलंबित कर दिया गया। निलंबित अधिकारियों व कर्मचारियों में महाप्रबंधक (एनएडी) अशोक कुमार, महाप्रबंधक वित्त केडी पाठक, उपमहाप्रबंधक (एनएडी) राजनाथ सिंह, सेक्सन आफिसर ध्रुवराज, प्रबंधक (एनएडी) मेवालाल , प्रबंधक (सामान्य) अजय कुमार, सहायक प्रबंधक (आरटीजीएस सेल) अजय कुमार, कैशियर/सहायक विकास पांडेय व सुरक्षाकर्मी विजय बहादुर मौर्य शामिल है।

पूर्व प्रबंधक ने की थी डाटा से छेड़छाड़
बैंक प्रबंधक की जांच के मुताबिक 15 अक्टूबर को सुबह 8.30 बजे से 09.30 बजे के बीच बैंक के पूर्व प्रबंधक इंदिरानगर निवासी आरएस दुबे एक साथी के साथ आए थे। जिनको गार्ड शैलेंद्र ने रोका भी था। इस पर उन्होंने बैंक मुख्यालय के 8वें तल स्थित एनएडी अनुभाग में आने की बात कही। जानकारी के बाद सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर इन लोगों को कंप्यूटर विभाग में जाते और पीसी को ऑनकर छेड़छाड़ करता हुआ पाया गया।