लखनऊ में वायरल फीवर के मरीजों की बढ़ रही संख्या, अस्पताल के वार्ड फुल

My Bharat News - Article फीवर का कहर

लखनऊ: बदलते मौसम के कारण उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वायरल फीवर का कहर जारी है. बात करें सरकारी अस्पतालों की तो लोकबंधु अस्पताल, किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल, सिविल हॉस्पिटल और बलरामपुर जैसे बड़े अस्पतालों में प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीज तेज बुखार, सिरदर्द और बदन दर्द जैसे लक्षणों को लेकर पहुंच रहे हैं. यही नहीं, अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले मरीजों में लगभग 40 से 50 प्रतिशत लोग वायरल फीवर की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. तेजी से बदल रहे मौसम में खुद को और अपने परिवार को इन बीमारियों से कैसे बचाएं, जानते हैं…

ऐसे करें अपना और अपनों का बचाव
लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि बारिश के मौसम में वायरल फीवर के साथ कई दूसरी बीमारियां जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और क्योंकि अभी कोविड-19 भी चल रहा है तो ऐसे में बहुत भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है. ऐसे में बुखार आने पर मरीजों की सभी महत्वपूर्ण जांच अस्पताल से करानी चाहिए ताकि उनकी बीमारी का समय रहते पता चल सके और उसका सही इलाज शुरू किया जा सके.

उन्होंने बताया कि वर्तमान में वायरल फीवर के मरीज बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं. जांच रिपोर्ट में वायरल फीवर ही निकल कर आ रहे हैं, तो ऐसे में लोगों को बारिश से बचना होगा. बदलते मौसम में लोगों को अपने खान-पान पर नियंत्रण रखना होगा. घर के आसपास किसी भी कोने में पानी न भरने दें. साथ ही कोविड-19 के प्रोटोकॉल का भी पालन करें और मास्क जरूर पहनें. अगर उन्हें पता है कि किसी को बुखार है तो उससे उचित दूरी बनाए रखें.

…तो नहीं पड़ेंगे बीमार
वहीं, किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज यानी केजीएमसी के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. कौसर उस्मान ने बताया कि मौसम तेजी से बदल रहा है इसलिए स्क्रब टायफस, डेंगू, मलेरिया, कोविड-19 और वायरल बुखार के मरीज आ रहे हैं, लेकिन इनमें ज्यादातर मरीज वायरल फीवर के हैं. ऐसे में कैसे बचाव करें यह सबसे महत्वपूर्ण बात है. ऐसे में सबसे पहले अगर आपको लगता है कि बुखार है तो खुद को आइसोलेट कर लें. चिकित्सक से सलाह लें और उसके कहने के अनुसार दवाएं लें.

इतना ही नहीं अपनी डाइट को भी पौष्टिक बनाएं. ऐसा आहार लें जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े. अच्छी नींद लें. साथ ही अगर आप बीमार हैं तो खास तौर पर खांसते और छींकते समय मुंह पर रुमाल रखें. तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, खांसी और जुकाम वायरल फीवर के यह कुछ लक्षण हैं. इसके लक्षण नजर आते ही चिकित्सक से जरूर सलाह लें. खुद से कोई भी दवा न लें.