लखनऊ- आत्महत्या करने वाले इंजीनियर ने खऱीदी थी करोड़ों की जमीन, जानिए पूरी बात

लखनऊ में जानकीपुरम के सुल्तानपुर गांव निवासी जेई शैलेंद्र कुमार, उनकी पत्नी गीता व बेटी प्राची के बुधवार को जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, शैलेंद्र ने बख्शी का तालाब में 54 हजार वर्गफीट जमीन खरीदी थी जो विवादित निकली। इस विवादित जमीन में करोड़ों रुपये डूब गए। वह जमीन बेचना चाहता था, लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे थे। दो ने एग्रीमेंट कराया तो रजिस्ट्री नहीं कर सका। वहीं एक ने लोन कराने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए।

पुलिस के अनुसार, लगातार आर्थिक रूप से तंगी की तरफ जा रहे शैलेंद्र डिप्रेशन का शिकार हो गए और इसी कारण खुदकुशी कर ली। उधर, बृहस्पतिवार सुबह बेटा प्रशांत लखनऊ पहुंचा। इसके बाद इटौंजा के असनहा में परिवारीजनों ने तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया। प्रभारी निरीक्षक जानकीपुरम छत्रपाल सिंह के मुताबिक, सिंचाई विभाग के नलकूप विंग में जेई इटौंजा के असनहा निवासी शैलेंद्र ने 2014 में एक प्रॉपर्टी डीलर से बीकेटी में 54 हजार वर्गफीट जमीन खरीदी थी। रजिस्ट्री के बाद जब दाखिल खारिज कराने पहुंचा तो पता चला कि जमीन विवादित है।

रजिस्ट्री दिखाकर मोबीन और नरेंद्र प्रताप को एग्रीमेंट किया। शैलेंद्र ने मोबीन से नौ लाख रुपये और नरेंद्र से 10 लाख रुपये लिए थे। लेकिन दोनों को रजिस्ट्री नहीं कर पा रहा था। इसी बीच शैलेंद्र के विपक्षियों ने सिविल कोर्ट में वाद दाखिल कर दिया जिससे वह और परेशान हो गया। पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि इसी जमीन पर शैलेंद्र लोन कराना चाहता था ताकि उससे निर्माण कराकर कमाई की जा सके। इस काम के लिए शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने ठेका लिया था और लाखों रुपये शैलेंद्र से लिए थे लेकिन लोन के लिए रिश्वत की रकम भी डूब गई।

बुधवार सुबह उन्होंने पत्नी गीता और बेटी प्राची केसाथ जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट में पेस्ट्री के अंश मिले हैं। तीनों का बिसरा सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। पुलिस ने देर रात ऐशबाग मोतीझील निवासी साले राजकुमार की तहरीर पर चार लोगों शैलेंद्र श्रीवास्तव, मोबीन खान, नरेंद्र प्रताप सिंह और संतोष शुक्ला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने देर रात तीन को हिरासत में ले लिया था। संतोष शुक्ला की तलाश की जा रही है।

नौकरी लगवाने के नाम पर लिए थे रुपये
पुलिस हिरासत में आरोपियों शैलेंद्र श्रीवास्तव, नरेंद्र और मोबीन से पूछताछ में सामने आया है कि जेई शैलेंद्र ने नौकरी लगवाने के नाम पर कुछ लोगों से रुपये लिये थे। इसमें संतोष शुक्ला भी शामिल था। संतोष की जेई शैलेंद्र से मुलाकात शैलेंद्र श्रीवास्तव ने ही कराई थी। कितने रुपये लिए, इसकी जानकारी शैलेंद्र श्रीवास्तव ने नहीं दी। वहीं नौकरी न लगने पर संतोष ने तकादा शुरू किया। इससे बचने के लिए जेई शैलेंद्र ने अपने करीबी मित्र शैलेंद्र श्रीवास्तव से एक ऑफर संतोष के लिए दिया। कहा कि उससे कुछ जमीन रजिस्ट्री कराने को कह दो। शैलेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, संतोष तैयार हो गया लेकिन जमीन की हकीकत मालूम होते ही वह पीछे हट गया। वह अपने रुपये वापस मांग रहा था।

पुलिस खंगाल रही जमीनों की रजिस्ट्री
डीसीपी उत्तरी कासिम आब्दी के मुताबिक, खुदकुशी के मामले में जमीन का मामला ज्यादा आ रहा है। इंस्पेक्टर जानकीपुरम को निर्देश दिया गया है कि वह शैलेंद्र कुमार, उनकी पत्नी व परिवार के सदस्यों के नाम से रजिस्ट्री हुई सारी जमीनों का ब्योरा जुटाएं ताकि पता चल सके कि क्या विवाद है। कितनी जमीन शैलेंद्र ने खरीदी थी। उनका एग्रीमेंट किन लोगों से किया था जो उसकी रकम नहीं दे रहे थे।

पत्नी व दोस्त के नाम कराया था 18 लाख का लोन
पुलिस के मुताबिक, पड़ताल में सामने आया है कि जेई शैलेंद्र का करीबी दोस्त प्रदीप है। उससे वह हर राज खुलकर बताता है। उसने कुछ समय पहले प्रदीप व अपनी पत्नी गीता के नाम से 18 लाख रुपये का लोन कराया था। यही नहीं इन दोनों के नाम पर इतनी ही रकम की दो गिफ्ट डीड कराई थी जिसके दस्तावेज पुलिस खंगाल रही है। वहीं बैंक के बारे में जानकारी हासिल कर रही है। पुलिस के मुताबिक, एक-दो दिन इंतजार के बाद इन सभी बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। वहीं घर में रखे दस्तावेज भी खंगाले जाएंगे।

My Bharat News - Article