योगी सरकार के फरमान के बाद, राशन कॉर्ड सरेंडर कर रहे लोग,जानिए क्या हैं प्रमुख कारण

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यू पी सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत इन्हें अपना राशन कार्ड आगामी 24 मई तक सरेंडर करने का आदेश दिया गया है।

भाजपा की उत्तर प्रदेश सरकार ने अपात्र राशन कार्ड धारकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके तहत अब लोगों ने अपना राशन कार्ड सरेंडर करना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही करीब 15 लाख राशन कार्ड धारकों को अगले तीन और माह के लिए मुफ्त अनाज देने की बात कही थी, लेकिन बीते अप्रैल माह में सरकार ने अपात्र राशन कार्ड धारकों को आगामी 24 मई तक अपना राशन कार्ड सरेंडर करने के आदेश देते हुए ऐसा ना करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और दंडात्मक कार्रवाई की बात कही थी।

योगी सरकार के इस आदेश के बाद प्रदेशभर में अपात्र धारक लाइनों में लगकर अपना राशन कार्ड सरेंडर कर रहे हैं। ऐसे में अकेले राजधानी लखनऊ जिले में बीते दो दिनों तक कुल 1500 से अधिक अपात्र धारकों ने अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस आदेश का पालन करने को लेकर सभी जिला अधिकारियों को निर्देश देते हुए सुनिश्चित किया गया है। इस नए आदेश को लेकर सरकार का कहना है कि अपात्रों द्वारा मुफ्त राशन का लाभ उठाने के चलते पात्र और ज़रूरतमंद लोगों तक इस योजना का असल लाभ नहीं पहुंच रहा है। जिला और ग्रामीण प्रशासन द्वारा सरकार के इस आदेश को लेकर सभी को जागरूक करने का काम किया जा रहा है तथा साथ ही उन्हें यह भी बताया जा रहा है निश्चित अवधि के अंदर ऐसा ना करने वाले अपत्र लोगों के खिलाफ कानूनी रूप से दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी तथा उनके द्वारा लिए गए मुफ्त राशन के लाभ को बाज़ार मूल्य के आधार पर उनसे वसूला भी जाएगा बीते समय में कोविड महामारी के दौरान जारी मुफ्त राशन वितरण की योजना सरकार के आदेशानुसार अभी तक जारी है।

यह है नियम

इन अपात्र लोगों को सरेंडर करना होगा राशन कार्ड उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत निम्न लोग मुफ्त राशन योजना के लिए अपात्र हैं और उन्हें अपना राशन कार्ड आगामी 24 मई तक सरेंडर करने का आदेश दिया गया है। -वह व्यक्ति जिसके परिवार का कम से कम एक सदस्य आयकर का भुगतान करता हो। -वह व्यक्ति जिसके परिवार के सदस्यों के पास कई लाइसेंसधारी शस्त्र हों। -वह व्यक्ति जिसके परिवार का कोई सदस्य शहर में काम करते हुए ₹3 लाख प्रतिवर्ष से अधिक और ग्रामीण इलाके में काम करते हुए ₹2 लाख प्रतिवर्ष से अधिक कमाता हो। -वह व्यक्ति जिसके परिवार के सदस्य के नाम पर कोई घर, फ्लैट या व्यावसायिक निर्माण हो। -वह व्यक्ति जिसके परिवार के सभी सदस्य जो एक चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, एयर-कंडीशनर या जनरेटर सेट में से किसी एक के मालिक हों।