यूपी में खतरे के निशान के ऊपर बह रही नदियां, 18 जिलों के 1370 गांवों में पानी-पानी

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प्रदेश में लगातार हो रही बरसात से 18 जिलों के 1370 गांव बाढ़ ग्रस्त है। वहीं गंगा, राप्ती, घाघरा, शारदा और रोहिनी नदी कुछ जिलों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित जिलों में तत्काल राहत कार्य शुरू करने, बाढ़ प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फ्लड पीएसी की पर्याप्त टीमें तैनात करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अतिवृष्टि, आकाशीय विद्युत गिरने, सर्पदंश तथा डूबने से हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों को अनुमन्य राहत राशि तत्काल वितरित किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं।

छह लोगों की मौत हुई
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार अतिवृष्टि से तीन, आकाशीय विद्युत से गिरने से एक, सर्पदंश से एक, तथा डूबने से एक व्यक्ति की मौत हुई है।

खतरे के निशान से ऊपर बह रही है नदियां
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार गंगा नदी जनपद बदायूं, शारदा नदी लखीमपुर खीरी के पलियाकलां एवं शारदानगर, सरयू बबई नदी बहराइच के गायघाट में, घाघरा नदी बाराबंकी के एल्गिनब्रिज, अयोध्या व बलिया के तुर्तीपार में, राप्ती नदी श्रावस्ती के भिनगा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर के बांसी, गोरखपुर के बर्डघाट, बूढ़ी राप्ती नदी सिद्धार्थनगर के ककरही, रोहिन नदी महराजगंज के त्रिमोहिनीघाट और कुआनो नदी गोंडा के चन्द्रदीप घाट में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही हैं।

18 जिलों के 1370 गांव बाढ़ से प्रभावित
प्रदेश के 18 जिलों के 1370 गांव बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित है। बलरामपुर के 287, सिद्धार्थनगर के 129, गोरखपुर के 120, श्रावस्ती के 114, गोंडा के 110, बहराइच के 102, लखीमपुर खीरी के 86, बाराबंकी में 82, बुलन्दशहर के 68, महराजगंज के 63, आजमगढ़ के 60, सीतापुर के 57, बस्ती के 32, संतकबीरनगर के 19 कुशीनगर के 14, मऊ 13, अयोध्या के 12 और अंबेडकरनगर के 2 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।