मेरठ- 175 किलो के शख्स ने सर्जरी से घटाया 75 किलो वजन

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मेरठ के एक निजी अस्पताल में हाल ही में 175 किलो के एक शख्स की बैरिएट्रिक सर्जरी की गई है. डॉक्टरों का दावा है कि सर्जरी के बाद इस शख्स का वजन 60 से 75 किलो घट जाएगा. इस पूरी सर्जरी में 50 मिनट का समय लगा और सफलतापूर्वक यह सर्जरी की गई.


डॉक्टरों का दावा है कि यह उत्तर प्रदेश में अब तक पहला ऐसा मामला है जिसमें सबसे ज्यादा वजन वाले व्यक्ति की सफलतापूर्वक सर्जरी की गई. डॉक्टरों ने बताया, इससे पहले भी बहुत से ऑपरेशन किए जा चुके हैं लेकिन 175 किलो के शख्स की सर्जरी शायद उत्तर प्रदेश में पहली बार की गई है. इ्स शख्स का नाम संजय शर्मा है और यह मेरठ, बागपत के खेड़का का रहने वाला है. अपनी इस सफलतापूर्वक सर्जरी से संजय काफी खुश हैं.

बागपत के खेड़का में रहने वाले 45 साल के संजय शर्मा मोटापे की समस्या से काफी ज्यादा परेशान थे और दिन-प्रतिदिन उनका वजन बढ़ता जा रहा था. वजन बढ़ने के कारण संजय को काफी ज्यादा परेशानी हो रही थी. संजय शर्मा के वजन बढ़ने की समस्या आनुवांशिक है क्योंकि उनके पूरे परिवार में सभी का वजन बढ़ा हुआ है.

हालांकि, सभी परिवारवालों की तुलना में संजय का वजन सबसे ज्यादा है. संजय ने अपना वजन कम करने के लिए काफी प्रयास किए लेकिन उन्हें सफलता हासिल नहीं हुई. ऐसे में लगातार बढ़ रहे वजन के कारण संजय को कई तरह की बीमारियों का सामना भी करना पड़ रहा था.

दिल्ली में भी इलाज करवा चुके हैं संजय शर्मा
बढ़ते वजन से परेशान होकर संजय शर्मा ने दिल्ली के अस्पताल में भी अपना इलाज करवाया लेकिन उन्हें इससे कोई फायदा नहीं मिला जिसके बाद वह मेरठ के एक निजी अस्पताल में पहुंचे. संजय शर्मा की सर्जरी करने वाले डॉक्टर ऋषि सिंघल ने बताया कि मरीज का वजन लगभग 175 किलो था जिसकी वजह से उसको काफी परेशानियां होने लगी थी. डॉक्टर ऋषि ने बताया कि मोटापा कम करने के लिए मरीज की बैरिएट्रिक सर्जरी की गई और अब वह स्वस्थ है.

पहली बार किया गया इतने मोटे व्यक्ति का ऑपरेशन
डॉ. ऋषि ने बताया उत्तर प्रदेश में बहुत कम सेंटर्स है जहां पर ऐसा ऑपरेशन किया जाता है लेकिन अब तक उत्तर प्रदेश में शायद इतने वजन वाले किसी भी व्यक्ति का कोई ऑपरेशन इस तरीके से नहीं किया गया है. ऑपरेशन तो बहुत सारे हुए हैं लेकिन मेरठ में इतने भारी वजन वाले मरीज का ऑपरेशन अभी तक नहीं किया गया है. डॉ ऋषि ने बताया कि अब तक वह इंग्लैंड और इंडिया की मिलाकर लगभग 3.5 हजार के आसपास सर्जरी कर चुके हैं और मेरठ में भी लगभग 20 ऑपरेशन कर चुके हैं.

इस सर्जरी के नहीं हैं कोई साइड इफेक्ट्स
डॉ ऋषि ने बताया कि इस सर्जरी में पेट का माप मायने नहीं रखता. सर्जरी के दौरान पेट को छोटा किया जाता है और हम इसको डिसाइड करते हैं कि कितना छोटा करना है, जो बाकी पेट है, उसका साइज कोई मायने नहीं रखता. मोटापे को कम करने के लिए सर्जरी एक परमानेंट इलाज है. आप डाइट और एक्सरसाइज से वजन घटा सकते हैं लेकिन उसके दोबारा बढ़ने के चांसेस ज्यादा रहते हैं, लेकिन ऑपरेशन से एक बार वजन कम हो जाए तो फिर से बढ़ने के चांसेस काफी कम होते हैं.

डॉ. ऋषि ने बताया कि कि इस सर्जरी का कोई साइड इफेक्ट नहीं है. सर्जरी के बाद आप नॉर्मल लाइफस्टाइल जीते हैं. डॉ ऋषि ने ये भी बताया कि इंग्लैंड में कई मरीज हैं जिनके हमने यह ऑपरेशन किए हैं और वह पहाड़ पर भी चढ़ चुके हैं. मेरठ में भी दो डॉक्टरों का ऑपरेशन किया गया है और वह सफल रहा है.

पहले भी हो चुका है एक ऑपरेशन
ऑपरेशन कराने वाले संजय शर्मा भी काफी खुश हैं. हालांकि संजय शर्मा का पहले भी एक ऑपरेशन हुआ था जिससे वह लगभग 70 किलो वजन कम कर चुके थे लेकिन बाद में उनकी लापरवाही से वजन दोबारा बढ़ गया और फिर दोबारा मोटापे की समस्या खड़ी हो गई. इस बार उनको उम्मीद है कि उनका वजन कम हो जाएगा और वह पूरा परहेज भी करेंगे और कोई लापरवाही नहीं करेंगे. संजय शर्मा की पत्नी उर्मिला भी कहा कि उनके पति अपने परहेज को पूरा नहीं कर पाते जिस वजह से बार-बार समस्या खड़ी हो जाती है लेकिन इस बार वह पूरी तरीके से परहेज करेंगे तो उनका वजन कम हो जाएगा.