मुरादाबाद- बिना नागरिकता वोटर लिस्ट में पाकिस्तानी महिला का नाम

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मुरादाबाद में नगर पंचायत पाकबड़ा में इन दिनों मतदाता सूचियों में मतदाताओं के नामों को चस्पा करने, और कुछ नामों को कटवाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. वहीं वार्ड संख्या 15 में सबा परवीन नाम की एक पाकिस्तानी महिला का नाम मतदाता सूची में चस्पा होने की बात कही जा रही है. सबा परवीन पाकिस्तान के कराची शहर की रहने वाली है. 15 साल पहले यहां के युवक से उसकी शादी हुई थी. शादी के बाद से ही सबा परवीन पाकबड़ा में रह रही हैं.

मतदाता सूची में पाकिस्तानी महिला के नाम पर बवाल
सबा परवीन के पति नदीम अहमद ने बताया कि साल 2007 में उन्होंने मुस्लिम रीति रिवाज से सबा परवीन से शादी की थी, तभी से वो अपनी पत्नी के साथ यहां रहते हैं. 2017 में निर्वाचन नामावली में उनकी पत्नी का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो गया था, लेकिन क्षेत्रीय पार्षद की शिकायत पर इसे हटा दिया गया, तब से लेकर आज तक उनकी पत्नी का नाम मतदाता सूची में नहीं है लेकिन वार्ड संख्या 15 से जारी हुई सूची में सबा परवीन का नाम दर्शाया गया है, यह नाम किसने जुड़वाया यह जांच का विषय है. उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है.

नदीम अहमद कहते हैं कि उनकी पत्नी के नाम न तो आधार कार्ड है और ना ही पहचान पत्र है. जब नागरिकता ही नहीं मिली है तो यह कैसे संभव हो सकता है. यह किसी की साजिश है, और हमें बदनाम करने की कोशिश है.

जानिए सबा परवीन का क्या क्या कहना है
सबा परवीन का कहना है कि वो लगातार भारत सरकार से कोशिश कर रही हैं कि उन्हें भारत की नागरिकता दी जाए लेकिन अभी तक उनको भारत की नागरिकता नहीं मिली है. सब ने कहा कि “मैं जब से हिंदुस्तान में आई हूं, मुझे यहां पर बहुत प्यार मिला है. सभी लोग अच्छे हैं, ससुराल के लोग भी अच्छे हैं. पाकिस्तान के मुकाबले हिंदुस्तान की आवाम बहुत अच्छी है और आजाद भी है.” वो चाहती हैं कि उन्हें हिंदुस्तान की नागरिकता मिले. वो अभी भी वीजा पर हैं और उनका वीजा प्रतिवर्ष बढ़ाया जाता है. दिसंबर महीने में वो फिर दिल्ली जा रही हैं और पाकिस्तान एंबेसी से अपना वीजा बढ़वाने की तैयारी कर रही हैं.


हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच की खाई के बीच फंसी सबा परवीन लगातार जद्दोजहद कर रही हैं ताकि उन्हें यहां की नागरिकता मिल सके. सबा ने कहा कि उन्हें भारत सरकार पर पूरा भरोसा है जल्दी उन्हें नागरिकता मिलेगी और वो भी भारत की नागरिकता पाकर जम्हूरियत का हिस्सा बनेंगी लेकिन इन दिनों पाकबड़ा के चुनावी रण में सबा परवीन और नदीम की स्टोरी का मामला सबकी जुबां पर है. लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं.


मामले की जांच में जुटा प्रशासन
इस मामले में मुरादाबाद के जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि सबा परवीन की साल 2007 में नदीम के साथ शादी हुई थी. 2017 में नगर पंचायत के चुनाव दौरान उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो गया जबकि नियमानुसार ये गलत है. इनके पति भारतीय है लेकिन सबा परवीन लॉन्ग वीजा पर हैं. इस बार की वोटर लिस्ट जांच कराई जा रही थी तो जांच के दौरान ये मामला जिला प्रशासन के सामने आया. जिसके बाद रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने तत्काल महिला का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया. इसके साथ ही अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है.