भारी बारिश से बिजली संकट, अंधेरे में सैकड़ों गांव

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बाराबंकी। बारिश के चलते कई स्थानों पर पेड़ व उसकी डाल गिरने से बिजली के तार टूट गए तो कई खंभे धराशायी हो गए। इससे बिजली आपूर्ति धड़ाम हो गई। शहर से लेकर गांव तक बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। पावर कॉर्पोरेशन मरम्मत कार्य में जुटा रहा लेकिन कई जगह फाल्ट दुरुस्त नहीं हो सके। ग्रामीण क्षेत्र के करीब 566 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है।

बारिश के चलते लखपेड़ाबाग, लक्ष्मणपुरी कॉलोनी, आवास विकास में बृहस्पतिवार रात भर बिजली नहीं रही। शुक्रवार की भी दोपहर तीन घंटे बिजली गुल रही। कंपनीबाग, नेहरू नगर, सिविल लाइन, कटरा, घोसियाना समेत कई मोहल्लों में बिजली का दिनभर आना जाना लगा रहा। इससे करीब तीन लाख आबादी प्रभावित रही।

रामनगर डिवीजन की बिजली सुबह से ही गुल रही। शाम को कस्बा की बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी। लेकिन करीब 80 गांवों में बिजली आपूर्ति शाम तक नहीं हो सकी। हैदरगढ़ क्षेत्र में कई जगह पेड़ गिरने से करीब डेढ़ सौ गांव की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। मनोधरपुर में ट्रांसफार्मर लगा खंभा गिर गया। इससे बिजली आपूर्ति ठप होने से दो लाख आबादी को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दरियाबाद में समरैया चमरान गांव के पास पेड़ गिरने से मुख्य लाइन का तार टूट गया। कस्बा की बिजली आपूर्ति शुरू हो गई लेकिन 76 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद है। मुख्य लाइन में पेड़ गिरने से निंदूरा क्षेत्र के करीब दो सौ गांव में बिजली आपूर्ति शाम तक शुरू नहीं हुई। जैदपुर पावर हाउस में पानी भर गया।
पानी निकालने के लिए इंजन का सहारा लेना पड़ा। पिपराथा जंगल के पास मुख्य लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए। कोटवाधाम क्षेत्र के बिबियापुर रानी कटरा गांव के पास बिजली का आधा खंभा टूट गया, इससे 60 गांव की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
अधीक्षण अभियंता एएच खान का कहना है कि बारिश से रामनगर, हैदरगढ में अधिक नुकसान हुआ है। तार टूटने और खंभा क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट मंगाई गई है। सभी अधिशासी अभियंताओं व एसडीओ से सतत मॉनीटरिंग करने और फाल्ट दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं।