दुनिया में कोरोना से हाहाकार, इजराइल में विदेशियों के आने पर पाबंदी, ब्रिटेन में हाई अलर्ट, साउथ अफ्रीका में लॉकडाउन का विरोध

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साउथ अफ्रीका में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन मिलने बाद दुनिया अलर्ट पर है। इजराइल ने तमाम विदेशी नागरिकों की देश में एंट्री बैन कर दी है। देश लौटने वाले इजराइली नागरिकों को भी क्वारैंटीन रहना होना होगा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। उधर, साउथ अफ्रीका में लॉकडाउन के संकेत मिलने के बाद यहां इसका विरोध शुरू हो गया है। यहां ओमिक्रॉन वैरिएंट पर लेटेस्ट अपडेट्स…

इजराइल में विदेशियों के एंट्री बैन
इजराइल ने ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए, सभी विदेशियों के देश में आने पर पूरी तरीके से रोक लगा दी है। इजराइल पहला देश है, जिसने कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर ऐसा कड़ा फैसला लिया है। इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्टाली बेनेट ने शनिवार को 14 दिनों के लिए विदेशी यात्रियों के देश में आने पर रोक लगाने की बात कही थी। आज यानी रविवार रात से ही यह नियम लागू हो जाएगा। वहीं, इजराइल के गृह मंत्री एयलेट शेक ने कहा था, हमें इस वैरिएंट के पहले से ही लगभग हर देश में मौजूद होने की जानकारी मिली है।

ब्रिटेन में हाई अलर्ट; PM जॉनसन ने बिना मास्क पब्लिक ट्रांसपोर्ट में एंट्री बैन की
ब्रिटेन में दो लोगों में ओमिक्रॉन पाए जाने पर डर का माहौल है। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने फिर से पाबंदियां लागू कर दी हैं। शनिवार को जॉनसन ने कहा, ‘सरकार फेस मास्क पहनने के नियम दोबारा सख्त करने जा रही है। अब लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट में और दुकानों में फिर से मास्क पहनना पड़ेगा।

जॉनसन ने देश में बाहर से आने वालों के लिए कोविड से जुड़े एंट्री नियम सख्त करने की भी घोषणा की। अब विदेश से UK आने वाले हर यात्री का RT-PCR टेस्ट किया जाएगा। यह टेस्ट उसे देश में एंट्री का दूसरा दिन खत्म होने तक हर हाल में कराना होगा। ऐसे यात्री निगेटिव रिपोर्ट आने तक क्वारैंटाइन किए जाएंगे।

साउथ अफ्रीका लॉकडाउन से पहले ही विरोध
साउथ अफ्रीका में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर जो हालात सामने आ रहे हैं, उससे टूरिज्म और लिकर इंडस्ट्री के अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगा है। ज्यादातर देशों ने साउथ अफ्रीका या अफ्रीकी महाद्वीप से आने या जाने वाली फ्लाइट्स को बैन कर दिया है। इससे खासतौर पर साउथ अफ्रीका की टूरिज्म इंडस्ट्री परेशान है। इस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को डर है कि साउथ अफ्रीका में फिर से सख्त लॉकडाउन लगाया जा सकता है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने सरकार से अपील में कहा है कि लॉकडाउन से पहले उनका पक्ष भी जाना जाए, क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो मुल्क की इकोनॉमी ही तबाह हो जाएगी। टूरिज्म के साथ, लिकर और रेस्टोरेंट एसोसिएशन भी सामने आ गया है।

‘द साउथ अफ्रीकन’ से बाततीच में रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट कुर्ट मूर कहा- हम दो लॉकडाउन झेल चुके हैं और अब इस सेक्टर में खुद के पैरों पर खड़े होने की ताकत नहीं है। सरकार फिर यही कदम उठाती है तो यह हमारे लिए तबाही के अलावा और कुछ नहीं होगा। हमारा बिजनेस सिर्फ 20% रह गया है।

मालदीव ने भी सात अफ्रीकी देशों पर बैन लगाया
मालदीव ने ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचाव के तौर पर पहला कदम उठाया। रविवार दोपहर मालदीव सरकार ने ऐलान किया कि वो सात अफ्रीकी देशों से आने वाले लोगों पर बैन लगा रही है। ये देश हैं- साउथ अफ्रीका, बोत्सवाना, जिम्बाब्वे, मोजाम्बिक, नामीबिया, लेसोथो और स्वातिनी। हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा है कि वो जल्द ही इस वैरिएंट के बारे में नए सिरे से गाइडलाइन्स जारी कर सकती है।

डेनमार्क में दक्षिण अफ्रीका से लौटे 2 यात्री कोरोना पॉजिटिव
दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोना का नया वैरिएंट तेजी से दुनिया में फैल रहा है। दक्षिण अफ्रीका से डेनमार्क लौटे 2 यात्रियों में ओमिक्रॉन के संदिग्ध केस मिले हैं। RT-PCR टेस्ट में इनके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। हालांकि इसके ओमिक्रॉन होने की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। इन दोनों को आइसोलेट कर दिया गया है। साथ ही उन सभी लोगों से संपर्क किया जा रहा है जो उनके साथ फ्लाइट में सवार थे।

कुवैत ने 9 अफ्रीकी देशों से डायरेक्ट फ्लाइट्स को सस्पेंड किया
ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए कुवैत ने 9 अफ्रीकी देशों से डायरेक्ट फ्लाइट्स को सस्पेंड कर दिया है। इनमें दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, बोत्सवाना, जिम्बाब्वे, मोजाम्बिक, लेसोथो, इस्वातिनी, जाम्बिया और मलावी शामिल हैं। इन देशों से आने वाले कुवैती नागरिकों को 7 दिन तक क्वारैंटाइन किया जाएगा। साथ ही उनका PCR टेस्ट भी होगा। कुवैत के सेंटर फॉर गवर्नमेंट कम्युनिकेशन ने इसकी जानकारी दी।

ब्रिटेन समेत इन देशों ने भी अफ्रीकी देशों से आनी वाली फ्लाइट्स पर बैन लगाया
ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और नीदरलैंड ने अफ्रीकी देशों से आनी वाली फ्लाइट्स पर बैन लगा दिया। अब अमेरिका, सऊदी अरब, श्रीलंका, ब्राजील समेत कई देशों ने भी अफ्रीकी देशों की फ्लाइट बैन कर दी है। हालांकि दक्षिण अफ्रीकी स्वास्थ्य मंत्री ने इन बैन को अनुचित बताया है।

बांग्लादेश ने भी दक्षिण अफ्रीका आने-जाने पर पाबंदी लगा दी है। बांग्लादेश के स्वास्थ्य मंत्री जाहिद मलिक ने बताया कि हमने स्क्रीनिंग बढ़ा दी है। इसके साथ ही बंदरगाहों और एयरपोर्ट पर इसका सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।

नेपाल में यात्रियों को 7 दिन क्वारैंटाइन में रखने का निर्देश
नेपाल में भी दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों को 7 दिन क्वारैंटाइन में रखने का निर्देश जारी किया गया है। हेल्थ मिनिस्ट्री के प्रवक्ता कृष्ण प्रसाद पौडेल ने बताया कि नेपाल और दक्षिण अफ्रीका के बीच कोई सीधी उड़ान नहीं है, लेकिन जो यात्री अन्य अफ्रीकी देशों के जरिए यहां आएंगे उन्हें एक हफ्ते के क्वारैंटाइन से गुजरना होगा।

यूरोप में भी इस वैरिएंट को लेकर सख्ती
यूरोप में भी इस वैरिएंट को लेकर सख्ती बरती जा रही है। ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य, जर्मनी, इटली और नीदरलैंड ने शुक्रवार को ही दक्षिण अफ्रीका से उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। कुछ अन्य यूरोपीय देशों ने भी बोत्सवाना, इस्वातिनी (स्वाजीलैंड), लेसोथो, नामीबिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे से उड़ानें सस्पेंड कर दी हैं।
दक्षिण अफ्रीका से शुक्रवार को दो फ्लाइट्स में 61 यात्री नीदरलैंड पहुंचे। इन सबकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद नीदरलैंड की चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों को इस बात का डर है कि कहीं इन यात्रियों में भी ओमिक्रॉन के लक्षण न मिलें।