दारोगा ने कोर्ट को हल्के में लिया, दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश

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कोर्ट के आदेश की अवहेलना बाराबंकी में तैनात एक दरोगा को महंगी पड़ गई। न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने के आदेश का उल्लंघन कर गायब हो जाने के बाद बुधवार को कोर्ट में पेश दरोगा को अदालत ने कड़ी फटकार लगाई। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा ने नाराजगी जताते हुए दरोगा दुर्गा प्रसाद शुक्ल के खिलाफ पहले मुकदमा दर्ज कराने और फिर गवाही के लिए उन्हें कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

दरोगा का बचाव करने कोर्ट पहुंचे सीओ सिटी से न्यायाधीश ने कोर्ट में ताला लगवा देने को कहा। दरोगा के बचाव की सिफारिश फेल हो जाने के बाद पुलिस दरोगा के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए उन्हें कोतवाली नगर ले गई है। यह मामला लंभुआ कोतवाली से जुड़ा है।

लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से जुड़े छेड़छाड़ व गैर इरादतन हत्या के मामले में विवेचक रहे दरोगा दुर्गा प्रसाद शुक्ल का मुख्य बयान छह जून 2022 को कोर्ट में दर्ज किया गया था। जिरह के लिए कोर्ट ने दरोगा को नियत पेशी पर हाजिर रहने का आदेश था। उसके बाद दरोगा से जिरह के लिए पिछली दो जुलाई, 16 अगस्त व 25 अगस्त को पेशी नियत की गई, लेकिन दरोगा गवाही देने के लिए कोर्ट नहीं आया। कोर्ट ने दरोगा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था।

बाराबंकी जिले के दरियाबाद एसओ के पद पर तैनात दुर्गा प्रसाद शुक्ल मंगलवार को फोन पर गवाही देने के लिए कोर्ट पहुंचने की जानकारी दे रहे थे। शाम करीब चार बजे के बाद वे कोर्ट पहुंचे और गैर जमानती वारंट निरस्त करने के लिए अर्जी दी। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा ने दरोगा की वारंट निरस्त करने के लिए दी गई अर्जी खारिज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया। कोर्ट ने दरोगा दुर्गा प्रसाद शुक्ल को न्यायिक अभिरक्षा में रखते हुए बुधवार को सुबह 10.30 बजे अदालत में पेश करने का आदेश दिया।

आरोप है कि कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए दरोगा न्यायिक अभिरक्षा से गायब हो गए थे। बुधवार को दरोगा दुर्गा प्रसाद शुक्ल के न्यायिक अभिरक्षा के बजाय स्वयं कोर्ट पहुंचने पर न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा नाराजगी जताते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने पहले दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और फिर उन्हें गवाही के लिए अदालत में पेश करने का आदेश दिया है। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।

दरोगा के बचाव में सीओ सिटी राघवेंद्र चतुर्वेदी अदालत पहुंचे और दरोगा को रियायत देने का अनुरोध किया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कोर्ट-कचहरी में ताला लगवा दीजिए। इसके बाद दरोगा को मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली नगर ले जाया गया है।