जानिए! दीवाली की रात काजल लगाने का कारण

My Bharat News - Article की रात काजल लगाना

दीपों के त्योहार दिवाली पर चारों तरफ हर्षोल्लास का माहौल रहता है. इस दिन भगवान राम की अयोध्या में वापसी हुई थी. उनके आने की खुशी में हर घर में दीपक जलाकर उत्सव मनाया गया था. दीपक जलाने की परंपरा भगवान राम के समय से चली आ रही है. इस दिन दीपक से निर्मित काजल लगाने की परंपरा भी है. मान्यता के अनुसार दिवाली की रात में काजल बनाकर लगाने का विशेष महत्व है.

दीपक से काजल बनाने की विधि
दीपक से काजल बनाने के लिए सबसे पहले एक मिट्टी के दीपक में तेल डालकर उसमें रुई से बनी बत्ती को भिगो लें. अब इस दीपक को जलाएं, फिर इसके ऊपर प्लेट या कटोरी उल्टी करके रख दें. ध्यान रहे कि दीपक की बत्ती उस कटोरी या प्लेट से टच हो रही हो.

अब आप देखेंगे कि उल्टे रखे बर्तन पर कुछ कालिख एकत्रित हो गई है. इस कालिख को एक कटोरी में एकत्रित करके इसमें कुछ बूंद घी डाल कर अच्छे से मिक्स करें. अब इस काजल को एक डिब्बी में एकत्रित करके रख लें. अपनी आवश्यकतानुसार इस काजल का उपयोग कर सकते हैं.

दीपक से बना काजल क्यों लगाया जाता है
बुरी नजर से बचाने के लिए काजल का उपयोग किया जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार दिवाली की रात दीपक से काजल बनाकर लगाने का धार्मिक शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है. दिवाली के दिन दीपक से बना काजल घर को बुरी नजर से बचाता है. इसके अलावा घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है. बहुत से लोग अपने घर की तिजोरी और घर के मुख्य द्वार पर भी दिवाली की रात बना काजल लगाकर उसे सुरक्षित करते हैं.