चीन में फिर से कोरोना का कहर, खौफ में दुनिया

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जीरो कोविड पॉलिसी हटने के बाद चीन में कोरोना एक बार फिर से विकराल रूप ले चुका है. इस समय चीन में कोरोना के रिकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं. आलम ये हो गया है कि अस्पतालों के बाहर लंबी लाइन लग गई हैं. मरीजों के लिए बेड नहीं मिल रहे हैं और बड़े स्तर पर स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती दिख रही है. अब चीन में हुए इस कोरोना विस्फोट ने भारत की चिंता भी बढ़ा दी है. पहले भी चीन के बाद ही कोरोना का वायरस दुनिया के दूसरे देशों तक फैला था.

दरअसल, चीन की शी जिनपिंग सरकार ने कोविड को लेकर अपनी जीरो कोविड पॉलिसी को देश में तमाम विरोधों के बाद खत्म कर दिया था. इसके बाद कोरोना के केसों में बहुत ज्यादा तेजी से इजाफा हुआ है. जानकारी के मुताबिक चीन के उत्तर से लेकर दक्षिण तक फैले शहरों में कोरोना का ग्राफ बढ़ता जा रहा है.

इस समय चीन में बदतर हालात के चलते डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की कमी के साथ-साथ दवा पर भी संकट गहराने लगा है. हर रोज सैकड़ों लोग दम तोड़ रहे हैं. दावा ये भी किया जा रहा है कि कब्रिस्तानों में अंतिम संस्कार के लिए वेटिंग चल रही है. वहीं, विशेषज्ञों का दावा है कि चीन में 2023 में कोरोना विस्फोट हो सकता है. यहां लाखों लोगों की मौत हो सकती है.

चीन के उत्तर-पश्चिम में स्थित जियान शहर में सब-वे खाली दिखाई दे रहे हैं, जबकि देश के वाणिज्यिक केंद्र शंघाई में भी क्रिसमस और न्यू ईयर के बाद कोई खास चहल-पहल नहीं है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां उत्सव का माहौल नहीं है. लोग सहमे हुए हैं. वहीं चीन के चेंगदू में सड़कें सुनसान हैं, आलम ये है कि अस्पतालों में एंटीजन टेस्ट किट की भी कमी हो गई है.


पूरी दुनिया की बात करें तो पिछले 7 दिनों में दुनियाभर में कोरोना के 3,632,109 केस सामने आए हैं. अकेले जापान में 1055578 केस मिले हैं. वहीं, दक्षिण कोरिया में 460,766, फ्रांस में 384184, ब्राजील में 284,200, अमेरिका में 272,075, जर्मनी में 223,227, हॉन्गकॉन्ग में 108577, चीन के पड़ोसी ताइवान में 107381 केस मिले हैं. वहीं, कोरोना से मौत की बात करें, तो अमेरिका में पिछले 24 घंटे में 140, फ्रांस में 178, जर्मनी में 161, ब्राजील में 140, जापान में 180 लोगों ने कोरोना से अपनी जान गंवाई है.


चीन में इस समय कोरोना विस्फोट इसलिए हुआ है क्योंकि वहां पर बड़े स्तर पर अभी तक टीकाकरण नहीं किया गया है. उसकी बुजुर्ग आबादी में तो कई लोगों ने कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाई है. चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, अब तक 60 साल से ऊपर की 87% आबादी पूरी तरह वैक्सीनेट हो चुकी है, लेकिन 80 साल से ज्यादा उम्र के सिर्फ 66.4% बुजुर्गों को ही वैक्सीन लगी है.

बड़ी बात ये भी है कि इस समय चीन के ज्यादातर लोगों में कोरोना से लड़ने की इम्युनिटी नहीं है. इसका कारण ये है कि जीरो कोविड पॉलिसी वजह की से वे लोग अपने घर से ही बाहर नहीं निकले थे. इस प्रकार की पाबंदियां लगा दी गई थीं, कि वे एक बार भी संक्रमित नहीं हुए. ऐसे में कोरोना के खिलाफ उनके शरीर में कोई इम्युनिटी नहीं बनी. वहीं इस समय जो ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट कहर बरपा रहा है, वो तो वैक्सीन को भी चकमा दे सकता है. इस वजह से भी जमीन पर चीन में स्थिति ज्यादा विस्फोटक बनी हुई है.

चीन ने शुरुआत से कोरोना के खिलाफ बहुत ही आक्रमक नीति का पालन किया. उसने लंबे समय तक देश में जीरो कोविड पॉलिसी को लागू रखा. इस वजह से दूसरे देशों की तुलना में मामले तो कम आए, लेकिन जमीन पर स्थिति ज्यादा नहीं सुधरी. कुछ समय बाद ही लोगों ने आपा खो दिया और सड़क पर चीनी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ. उस प्रदर्शन की वजह से चीन को फिर अपनी नीतियों में कई बदलाव करने पड़ गए, जीरो कोविड पॉलिसी में भी ढील देनी पड़ी. नतीजा ये हुआ कि अब चीन में रिकॉर्ड कोरोना मामले दर्ज किए जा रहे हैं.