गोरखपुर- बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिला की मौत की जांच शुरु

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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्रसूता की मौत मामले की जांच सोमवार से तीन सदस्यीय कमेटी ने शुरू कर दी। पहले दिन तत्कालीन प्राचार्य, प्रमुख अधीक्षक, डॉक्टर व कर्मचारियों के बयान लिए गए। सबसे पूछा गया कि मौत की असली वजह क्या है? इससे संबंधित रिकार्ड भी देखे व जब्त किए गए।

एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी के परिवार से जुड़ी प्रसूता की मौत बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई थी। एमएलसी ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए ही मामले की शिकायत शासन से की थी। अब शासन ने डॉ. एनसी प्रजापति की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित करके गोरखपुर भेज दी।

इस कमेटी में संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) लखनऊ के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरके सिंह व किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. अमिता पांडेय भी शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि तीन सदस्यीय जांच टीम ने परिसर का निरीक्षण भी किया। टीम कार्डियोलॉजी, ओपीडी और गायनी विभाग में भी गई। मेडिसिन वार्ड जाकर पूरी जानकारी ली। टीम ने मृत प्रसूता के परिजनों से मुलाकात भी की है। कई लोगों के लिखित बयान दर्ज किए गए हैं। मामले से संबंधित दस्तावेज भी लिए गए। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में मरीज के भर्ती होने के दौरान हुए इलाज की भी प्रति प्राप्त की गई।

जानिए पूरा मामला
गत 22 जुलाई को सिद्धार्थनगर के बेलहरा के संदीप त्रिपाठी की गर्भवती पत्नी चंद्रा त्रिपाठी की मौत हुई थी। आरोप था कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी पांच घंटे तक इलाज नहीं मिला। परिजनों को ट्रॉमा सेंटर, सुपर स्पेशियलिटी, ओपीडी व पर्चा काउंटर तक दौड़ाया गया। जब तक पर्चा बना, तब तक गर्भवती की मौत हो गई थी। वह एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के बड़े भाई की पुत्रवधू थीं।