गोरखपुर- फर्जी डी फार्मा का सर्टिफिकेट बेचने वाला गिरफ्तार, 2.5 लाख में तय किया सौदा

My Bharat News - Article फर्जी डिग्री का भंडाफोड़

गोरखपुर- ढाई लाख रुपये लेकर मध्यप्रदेश के विवेकानंद यूनिवर्सिटी का फर्जी डी फार्मा सर्टिफिकेट बनाकर बेचने के आरोपी को शाहपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया। आरोपी के मददगारों के बारे में भी पुलिस जांच कर रही है।

पकड़े गए आरोपी की पहचान बस्ती जिले के कोतवाली इलाके के भदेश्वरनाथ निवासी आशीष पुरी के रूप में हुई। वह गोरखपुर के पादरी बाजार में किराये के मकान में रहता है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्रेस कांफ्रेंस कर यह जानकारी दी।

बताया कि आरोपी गांधी गली व बशारतपुर में फोकस हैविट कंसलटेंसी फर्म चलाता है। संदीप 2020 में डी फार्मा में दाखिला लेना चाहता था। इस दौरान उसकी मुलाकात कंसलटेंसी चलाने वाले आशीष से हुई। आशीष ने कहा कि वह उसका दाखिला करा देगा। इसके लिए उसने कई बार में 2.5 लाख रुपये ले लिए और कहा कि दाखिला हो गया है। पढ़ने नहीं जाना होगा बस उसे परीक्षा देने जाना होगा। इस बीच कोरोना काल आ गया।

कोरोना में आशीष ने बताया कि अब परीक्षा भी नहीं होगी। सीधे मार्कशीट व प्रमाणपत्र मिलेगा। नवंबर 2020 को आशीष ने पीड़ित संदीप को सत्र 2018-19 का प्रमाणपत्र व मार्कशीट दे दिया, जबकि पहली बार उसकी बात 202 में हुई थी। संदेह हुआ तो संदीप मध्यप्रदेश के सागर यूनिवर्सिटी पहुंचा।

पता चला कि डिग्री वहां की नहीं है, यह फर्जी है। जिसके बाद संदीप ने पैसा मांगा तो आशीष व उसके भाई आदित्य ने धमकी दी। तब जाकर उसने शाहपुर थाने में अप्रैल 2022 में केस दर्ज कराया। पुलिस आरोपी की तलाश में लगी थी। सोमवार को आशीष को गिरफ्तार कर लिया गया।