गोखपुर में विदेशी सिगरेट की ब्रिकी धड़ल्ले से जारी

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गोरखपुर शहर की हृदय स्थली कहे जाने वाला गोलघर बाजार, अवैध विदेशी सिगरेट की बिक्री का केंद्र बन गया है। नेपाल के रास्ते तस्कर, कोरिया, इंडोनेशिया और टर्की में बनी सिगरेट यहां पहुंचा रहे। और इनकी बिक्री भी धड़ल्ले से हो रही है। मांग बढ़ने से तस्करों के करीबी होल सेलर की भूमिका में आ गए हैं।

पैकेजिंग नियमों को लेकर सिगरेट के खिलाफ चल रहे अभियान के क्रम में अवैध विदेशी सिगरेट की बिक्री करने पर बाट-माप विभाग ने गोलघर के तीन दुकानदारों को नोटिस देकर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। चार सितंबर तक जुर्माना नहीं जमा करने पर विभाग संबंधित दुकानदारों के खिलाफ सिविल न्यायालय में मुकदमा भी दर्ज कराएगा।

विभाग के मुताबिक शहर के गोलघर और कुछ बड़े होटलों के आसपास सिगरेट व पान-मसाला की बिक्री वाली दुकानों पर जांच की गई थी। इस दौरान तीन दुकानों पर कोरिया में बनी पाइन, इंडोनेशिया में बनी ब्लैक और टर्की में बनी डनहिल सिगरेट अवैध तरीके से बिकती हुई मिली।

इन सिगरेटों से संबंधित जरूरी कागजात मांगे जाने पर कोई दुकानदार इसे दिखा नहीं सका। इसपर गोलघर के बॉबीज होटल के पास स्थित विश्वनाथ पान भंडार पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह होटल प्रेसिडेंट के गेट के पास स्थित दोनों दुकानों से डनहिल सिगरेट मिलने पर दुकानदार फूल कुमार और उमाशंकर पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन विदेशी सिगरेटों को पीकर यदि किसी की तबियत खराब होती है तो जवाबदेही तय कर पाना मुश्किल होगा।

डीआरआई ने पकड़ी थी बड़ी खेप
डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) गोरखपुर की टीम ने अप्रैल 2022 में सहजनवां इलाके में ट्रक से नई दिल्ली ले जाई जा रही करीब सवा करोड़ रुपये की विदेशी सिगरेट पकड़ी थी। यहीं की टीम ने 15 अक्तूबर 2021 को गोरखपुर-लखनऊ के बीच ट्रक में बासं के बीच छिपाकर गुवाहाटी से गुड़गांव ले जाई जा रही 90 लाख रुपये कीमत की म्यामार और इंडोनेशिया की सिगरेट पकड़ी थी। इसी तरह 2019 में कस्टम विभाग ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन से छह बोरी कोरिया में बनी सिगरेट पकड़ी थी जिसकी कीमत 52.50 लाख रुपये थी।

बार में 60 बताकर 50 एमएल दे रहे थे शराब
बार में परोसी जाने वाली शराब के पेग मापक में गड़बड़ी की शिकायत पर बाट माप विभाग ने दो महीने पहले जांच की थी। होटल बॉबीना परिसर स्थित जैज बार में 30/60 एमएल के साथ 25/50 एमएल का पेग मापक मिला। ग्राहक बनकर टीम ने जब 60 एमएल शराब मांगी तो उन्हें 50 एमएल वाले मापक से शराब दी गई। टीम ने दोनों पेग मापक की जांच की तो उनपर विभाग की स्टैंपिंग भी नहीं मिली।

इसपर विभाग ने बार के प्रोपराइटर नवीन अग्रवाल को नोटिस भेजकर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, पेग मापक के ऊपरी हिस्से में ही स्टांपिंग की जाती है ताकि कोई चोरी नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति शराब परोसे जाने से पहले इस स्टांपिंग की जांच कर सकता है। और नहीं पाए जाने पर विभाग में शिकायत भी कर सकता है।

सर्फ की कीमत 379, वसूल रहे थे 475, लगा 80 हजार का जुर्माना
तय कीमत से अधिक रुपये वसूलने पर बाट-माप विभाग ने एडी मॉल स्थित स्पेंसर रिटेल लिमिटेड कंपनी पर कार्रवाई की है। विभाग ने कंपनी के साथ ही इसके सात निदेशकों पर भी 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। शिकायत पर विभाग की टीम ने ग्राहक बनकर स्पेंसर से मोर ब्रांड के डिटरजेंट का चार किलोग्राम वाला पैकेट खरीदा।

पैकेट पर डिटरजेंट की कीमत 379 रुपये दर्ज थी जबकि बिल में कीमत 475 रुपये थी। पूछताछ पर कर्मचारी सकपका गए। टीम ने कंपनी के अलावा, उसके निदेशकों के नाम से नोटिस भेजने के साथ ही 10 हजार रुपये यानी 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। विभाग का कहना है कि 12 सितंबर तक जुर्माने की राशि नहीं जमा की गई तो सिविल कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

बाट माप विभाग के जिला प्रभारी अजय कुमार कुशवाहा ने कहा कि गोलघर की तीन दुकानों पर अवैध विदेशी सिगरेट की बिक्री होती पाई गई। पूछताछ के दौरान दुकानदार जरूरी कागजात नहीं उपलब्ध करा सके। तीनों दुकानदारों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना राशि नहीं जमा करने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। मानक से कम शराब परोसने पर जैज बार के प्रोपराइटर पर भी जुर्माना लगाया गया है। सिगरेट और बार में जांच का अभियान जारी रहेगा।