गोंडा में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत, पूरा थाना छावनी में तब्दील

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गोंडा- झोलाछाप डाक्टर हत्याकांड में पूछताछ के लिए नवाबगंज थाना लाए गए युवक की पिटाई से मौत मामले में एसपी आकाश तोमर ने आरोपी थानाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह व एसओजी प्रभारी अमित यादव को निलंबित कर दिया है। प्रकरण में मृतक के पिता की तहरीर पर थानाध्यक्ष को नामजद करते हुए अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है साथ ही कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नवाबगंज थाने को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। जिले के साथ ही बलरामपुर जिले की भी पुलिस तैनात की गई है।

वहीं, गुरूवार सुबह पुलिस ने तीन डाक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद भारी पुलिस बल के साथ शव नवाबगंज भेजा गया। शव पहुंचने से पहले ही आक्रोशित बिजलीकर्मियों ने आपूर्ति ठप कर केबिल काटकर गिरा दी और सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे। सपा के पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे और सपा नेता सूरज सिंह की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वालों को पीटा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गाड़ी तोड़ दी और जाम के दौरान आ रही एक एम्बुलेंस को पलट दिया। पुलिस अधीक्षक ने लाइनमैन देवा के पिता की तहरीर पर प्रभारी निरीक्षक तेज प्रताप सिंह व एसओजी प्रभारी अमित कुमार यादव को सस्पेंड कर दिया है।

बुधवार को माझा राठ गांव के रहने वाले एक लाइनमैन को पूछताछ के लिए थाने पर बुलाया गया था। लाइनमैन के पिता अपने ग्राम प्रधान दामाद के साथ बेटे को थाने पर लेकर पहुंचे थे। वहां एसओजी के संग प्रभारी निरीक्षक युवक को थाना परिसर में पीछे बने एक कमरे में बुला ले गए। पिता का आरोप है कि एक घंटे बाद प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उसका बेटा बेहोश हो गया है। उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। वह जिला अस्पताल पहुंचा तो वहां उसका बेटा भर्ती नहीं मिला। कुछ देर बाद एंबुलेंस से उसके बेटे का शव लाया गया।

पिता का आरोप है कि बेटे को एसओजी व प्रभारी निरीक्षक ने पीट-पीटकर मार डाला। थाना नवाबगंज क्षेत्र के जैतपुर के चौहान पुरवा में झोलाछाप डाक्टर राजेश चौहान की पिछले दिनों गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की तफ्तीश कर रहे थाना नवाबगंज के प्रभारी निरीक्षक के साथ ही एसपी ने हत्या के खुलासे के लिए एसओजी को भी लगाया था। थाना क्षेत्र के माझा राठ गांव के रहने वाले राम बचन यादव ने बताया कि उसका बेटे देव नरायन उर्फ देवा आउटसोर्सिंग पर विद्युत उपकेंद्र पर लाइनमैन हैं।

पिता के मुताबिक पुलिस ने उसके बेटे देवा को यह कहकर पूछताछ के लिए थाना नवाबगंज बुलाया था कि डाक्टर हत्याकांड में तफ्तीश के दौरान देवा का नंबर सीडीआर में मिला है। रामबचन ने बताया कि बुधवार की दोपहर बाद तकरीबन तीन बजे वह अपने दामाद दुर्गागंज माझा के ग्राम प्रधान राधेश्याम यादव के साथ बेटे देवा को लेकर थाने पहुंचे तो वहां एसओजी टीम व प्रभारी निरीक्षक बेटे को थाना परिसर में पीछे बने एक कमरे में लेकर चले गए। जबकि वह दामाद के साथ प्रभारी निरीक्षक के कक्ष में बैठा रहा।


चिकित्सक ने बेटे को मृत घोषित कर दिया
आरोप है कि एसओजी व प्रभारी निरीक्षक ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। बताया कि एक घंटे बाद प्रभारी निरीक्षक ने उसे सूचना दी कि उसका बेटा बेहोश हो गया था। उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। वह जिला अस्पताल पहुंचा तो उसका बेटा यहां भर्ती नहीं मिला जब उसने प्रभारी निरीक्षक को फोन कर पूछा तो बताया कि पहुंच रहा है। मगर झूठ बोलते रहे। बाद में एंबुलेंस से बेटे को यहां लाया गया तो चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत पर परिजन हंगामा करते रहे।

शव को मर्च्युरी में ले जाने को लेकर पुलिस से परिजनों की नोकझोंक होती रही। बाद में भारी संख्या में पुलिस बुलाई गई तब जाकर शव मर्च्युरी में रखाया गया। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि जानकारी मिली है, जांच कराई जा रही है। डीआईजी विनोद कुमार सिंह भी घटना की जांच के लिए नवाबगंज थाने पहुंचकर जांच की थी।

समझा जा रहा है कि इसके बाद ही थानाध्यक्ष व एसओजी प्रभारी को निलंबित किया गया। एसपी आकाश तोमर ने कहा कि मुकदमा दर्ज कर थानाध्यक्ष व एसओजी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है। जांच में जो भी और दोषी मिलेगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर गुरुवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया गया।