कानपुर- मुख्यमंत्री को भेजा गया गुमनाम पत्र, बैंक अधिकारियों पर रेवड़ी की तरह लोन बांटने का आरोप

मुख्यमंत्री को भेजे गए एक गुमनाम पत्र से गुमटी स्थित सरकारी बैंक की प्रमुख शाखा में हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल, शिकायकर्ता ने इस बैंक के दो अधिकारियों और इससे जुड़ी झांसी अंतिया ताल शाखा की एक महिला अधिकारी पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। आरोप है कि इन लोगों ने कागजों पर चल रहीं इकाइयों को सीए की मदद से लोन बांट दिए।

अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर मुद्रा लोन भी दिए। एक महिला अफसर पर तो यहां तक आरोप लगाए हैं कि उन्होंने ट्रांसफर करने के लिए हार और चूड़ियां भी ली हैं। ई-मेल में बताया गया कि कानपुर स्थित कार्यालय में दो उच्च अधिकारी बैठते हैं। इन दोनों अफसरों की शह पर झांसी शाखा में तैनात महिला अफसर ने जमकर गड़बड़ियां कीं। 2019 में इस शाखा में आई महिला अफसर ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 8.04 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत किया। इसमें उन्होंने मुद्रा योजना में 1.83 करोड़ का लोन दिया। अपने अधिकार क्षेत्र से 1.04 करोड़ का अधिक लोन स्वीकृत किया।


वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15.40 करोड़ रुपये के लोन स्वीकृत किए। इसमें मुद्रा योजना के तहत 7.35 करोड़ रुपये दिए। 8.40 करोड़ का अतिरिक्त लोन स्वीकृत किया। उन्हें केवल सात करोड़ तक का ही लोन करने का अधिकार था। महिला अफसर का 31 जुलाई को रिटायरमेंट भी हो चुका है।

ओवर ड्राफ्ट के जरिये किए लोन
ई-मेल में बताया गया है कि सभी लोन ओवर ड्राफ्ट के जरिये किए गए। दरअसल इस प्रक्रिया में एक साल में ही स्टाक आदि दिखाना होता है। लोन कैश क्रेडिट में दिए जाने चाहिए थे। इसमें हर महीने स्टाक का विवरण बैंक को देना होता है। आरोप लगाया है कि मुद्रा लोन लेने वाले 90 प्रतिशत लोगों के पास पर्याप्त स्टॉक नहीं है। इसकी फोटो भी शिकायतकर्ता के पास उपलब्ध हैं। कई इकाइयां तो कागजों पर हैं।

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