कांग्रेस को मिला नया अध्यक्ष, मल्लिकार्जुन खड़गे संभालेंगे पार्टी की कमान

My Bharat News - Article

लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस को आज अपना पूर्णकालिक नया अध्यक्ष मिल गया है. कांग्रेस के दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खरगे को 7897 वोट मिले और तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद शशि थरूर को 1072 मिले है. हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी इसका आधिकारिक ऐलान होना बाकी है मगर खरगे अब कांग्रेस के अध्यक्ष होंगे. 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर किसी नेता का देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष चुना गया. थरूर ने ट्वीट कर हार स्वीकार कर ली है.

शशि थरूर ने ट्वीट करते हुए नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का का अध्यक्ष बनना एक बहुत बड़े सम्मान और एक बड़ी जिम्मेदारी है. मैं कामना करता हूं कि मल्लिकार्जुन खरगे जी उस कार्य में पूरी सफलता हासिल करें. एक हजार से अधिक सहयोगियों का समर्थन प्राप्त करना, और पूरे भारत में कांग्रेस के इतने शुभचिंतकों की आशाओं और आकांक्षाओं को आगे बढ़ाना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी.

शुरुआती रुझान में ही शशि थरूर मल्लिकार्जुन खरगे से पिछड़ गए थे. इस बीच शशि थरूर की ओर से चुनावों में पक्षपात और धांधली के भी आरोप लगे. थरूर के एजेंट सलमान सोज ने पार्टी हाईकमान को पत्र लिखकर इस बारे में शिकायत की थी. थरूर के पोलिंग एजेंट सलमान सोज ने कांग्रेस इलेक्शन अथॉरिटी के चेयरमैन मधुसूदन मिस्त्री को पत्र लिखकर चुनाव में धांधली की शिकायत की. सलमान सोज ने उत्तर प्रदेश में वोटिंग के दौरान अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि इलेक्शन अथॉरिटी के नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं. बिना पोलिंग एजेंट के बक्सों को सील किया गया. कुछ अन्य राज्यों में भी नियमों का उल्लंघन हुआ है. मतगणना से पहले ही खरगे की जीत तय मानी जा रही थी. कहा जा रहा था कि उन्हें गांधी परिवार का समर्थन प्राप्त है. खुद शशि थरूर ने भी भेदभाव और पक्षपात के आरोप लगाए थे.

137 साल बाद छठी बार हुआ चुनाव
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं समेत करीब 9500 डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) ने पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए दो दिन पहले सोमवार को मतदान किया था. कांग्रेस पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक, अध्यक्ष पद के लिए अब तक 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 में चुनाव हुए हैं. इस बार करीब 96 प्रतिशत मतदान हुआ. कांग्रेस के करीब 9900 डेलीगेट पार्टी प्रमुख चुनने के लिए मतदान करने के पात्र थे. कांग्रेस मुख्यालय समेत लगभग 68 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ.

खरगे की दावेदारी मजबूत
वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर इस चुनाव में उम्मीदवार थे. गांधी परिवार से करीबी और कई वरिष्ठ नेताओं के समर्थन के चलते खरगे की दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी. मतदान से पहले सोनिया गांधी ने यहां संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा था, “मैं इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रही थी.”पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि इस चुनाव से 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर कोई नेता देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष चुना जाएगा. इससे पहले सीताराम केसरी गैर-गांधी अध्यक्ष रहे थे. शशि थरूर ने निर्वाचकों से “बदलाव अपनाने” का साहस दिखाने का आह्वान करते हुए रविवार को कहा था कि वह जिन बदलावों के बारे में सोच रहे हैं, उनमें पार्टी के “मूल्यों” में कोई बदलाव नहीं होगा और केवल लक्ष्य पाने के तरीकों में परिवर्तन आएगा.