इलाज के दौरान पुजारी की हत्या, 6 दिन पहले पुजारी और पत्नी को जिंदा जलाया गया था

My Bharat News - Article पुजारी की हत्या

राजस्थान में मंदिर की जमीन के विवाद में एक और पुजारी की हत्या कर दी गई. बीते सप्ताह राजसमंद जिले के देवगढ़ कस्बे के समीप हीरा की बस्सी गांव में एक मंदिर के पुजारी और उसकी पत्नी को भू माफियाओं ने पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था. इस वीभत्स घटना को भू माफियाओं ने पुजारी दंपत्ति के पुत्र मुकेश की आंखों के सामने अंजाम दिया था. इलाज के दौरान पुजारी नवरत्न प्रजापत की शनिवार को मौत हो गई. उनकी पत्नी जमना देवी अभी भी इलाजरत है. पुजारी की मौत के बाद परिजनों में भू माफियाओं के खिलाफ काफी आक्रोश है.

पुजारी के मौत के बाद पुलिस प्रशासन के एकबारगी हाथ-पांव फूल गए. आक्रोशित लोगों ने पुजारी परिवार को पुलिस सुरक्षा दिलाने की मांग की है. पुलिस ने मृतक पुजारी के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है. पोस्टमार्टम से पहले परिवार के सदस्यों ने पुलिस को 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है. इस मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

पुजारी नवरत्न प्रजापत 90 फीसदी तक जल चुके थे
पुजारी नवरत्न प्रजापत उदयपुर के एमबी चिकित्सालय की एसएसबी यूनिट में इलाजरत थे. वारदात में वे 90 फीसदी तक जल चुके थे. ऐसे में उनकी स्थिति शुरू से ही गंभीर बनी हुई थी. लेकिन बीते दो दिनों में तबीयत बिगड़ती गई और उन्हें वेंटिलेटर पर लेना पड़ा था. शनिवार को सुबह चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुजारी के परिजनों और ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जांच सीआईडी सीबी से कराने की मांग की है.

अब आरोपियों पर हत्या का केस भी चलेगा
इसके साथ ही मृतक के परिवार को 50 लाख का आर्थिक मुआवजा देने और 2 सदस्यों को सरकारी नौकरी की भी मांग की गई है. वहीं खसरा संख्या 286 को बिलानाम जमीन से हटाकर देवस्थान में दर्ज कराने और आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है. इसके अलावा भी अन्य कई मांगें की गई हैं. पुजारी नवरत्न प्रजापत की मौत हो जाने के साथ ही अब इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर में हत्या की धारा-302 भी जुड़ गई है. अब इस मामले में आरोपियों पर हत्या का केस भी चलेगा.

बेटे के सामने ही उसके माता-पिता को जला डाला
पुजारी के बेटे मुकेश उस घटना को आज भी बयां करते हैं तो उनकी रूह कांप जाती है. मुकेश का कहना है कि एक दर्जन से ज्यादा लोग उनके घर पर आए थे और सबसे पहले उसे बंधक बनाया. बाद में उसके सामने ही उसके माता-पिता पर पेट्रोल बम से आग लगा दी गई. यह पूरी घटना मंदिर के समीप बेशकीमती जमीन को हथियाने के लिए अंजाम दी गई है. इस मामले में परिवार द्वारा पहले ही पुलिस और प्रशासन को गुहार लगा दी गई थी, लेकिन उसने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और बाद में एक बड़ी घटना घटित हो गई.