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मंगलवार, सितम्बर 21, 2021

असम और मणिपुर के बाल गृहों में हो रही अलकायदा द्वारा फंडिंग: NCPCR रिपोर्ट

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MP बदरुद्दीन के बाल गृहों में अलकायदा की फंडिंग
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सांसद बदरुद्दीन अजमल (बाएँ), गोलपारा का बाल संरक्षण गृह (दाएँ)

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा दिसंबर 25, 2020 को असम और मणिपुर में छह बाल गृहों के निरक्षण के बाद यहाँ धन के दुरुपयोग किए जाने की जानकारी मिली है। असम के सांसद बदरुद्दीन अजमल द्वारा इन बाल संरक्षण गृहों की स्थापना हुई है। जानकारी के अनुसार, 5 बाल संरक्षण गृह असम के धुबरी, गोलबरा और नगाँव में स्थित हैं जबकि एक मणिपुर के थौबल में स्थित है। इन सभी का नाम ‘मरकज दारुल यातमा’ है।

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छापेमारी के दौरान आयोग को अजमल के मरकाजुल मारिफ के द्वारा संचालित 6 बाल संरक्षण गृहों में फंड्स के गलत इस्तेमाल किये जाने की जानकारी मिली है। मरकाजुल मारिफ संस्था के तत्वाधान में चल रहे इनमें से एक बाल गृह को एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय एनजीओ से पैसे मिलने के सुबूत मिले हैं जिसकी जाँच अलकायदा से कथित संबंधों को लेकर चल रही है। आयोग ने कहा है कि उसके निरीक्षण दल की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार इन बाल गृहों में 778 बच्चे रह रहे हैं। वहीं, लोकसभा सदस्य मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने अपने लोकसभा की वेबसाइट पर दिए गए अपने परिचय में कहा है कि इन बाल गृहों में कुल 1,010 बच्चे हैं। गौरतलब है कि मरकाजुल मारिफ की वेबसाइट पर इनमें 1080 बच्चों के होने की जानकारी दी गई है। ऐसे में आयोग को संस्था द्वारा दी गई जानकारी और अन्य आँकड़े अलग-अलग देखने को मिले हैं।

बाल आयोग ने कहा, ‘‘मरकाजुल मारिफ की वेबसाइट पर कहा गया है कि 1080 बच्चे इन बाल गृहों में हैं। ऐसे में वेबसाइट पर उपलब्ध संख्या और निरीक्षण दल को इन बाल गृहों द्वारा बताई गई संख्या में अंतर है। इस अंतर की जाँच करना और 300 बच्चों के बारे में स्थिति का पता करना जरूरी है।’’

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