अखिलेश यादव ने नम आंखों से पिता की अस्थियां गंगा में विसर्जित की

My Bharat News - Article यादव

हरिद्वार के वीआईपी घाट पर सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव की अस्थियां गंगा जी में विसर्जित की गईं। घाट पर पुरोहितों द्वारा कराए गए अनुष्ठान के बाद अखिलेश यादव अस्थि कलश लेकर गंगा जी में उतरे। फूलों के साथ नेताजी की अस्थियां गंगा में प्रवाहित कीं। इस भावुक क्षण में अखिलेश समेत पूरा परिवार निशब्द हो गया। पत्नी डिंपल यादव और चाचा शिवपाल यादव समेत परिवार के काफी लोग मौजूद रहे।

परिवार के काफी लोग रहे मौजूद
बता दें कि सोमवार सुबह उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने पिता सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का अस्थि कलश लेकर हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। पत्नी डिंपल यादव, चाचा शिवपाल यादव, रामगोपाल यादव समेत प्रतीक यादव, अखिलेश की बेटी टीना अदिति, बेटा अर्जुन, चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव, तेज प्रताप यादव, अंशुल यादव, अक्षय यादव, अनुराग यादव, छोटू यादव और आदित्य यादव उनके साथ में थे।

पुरोहितों ने कराया अनुष्ठान, छलके आंसू
सभी लोग निजी विमान से दोपहर में देहरादून के जौली ग्रांट हवाई अड्डे पर उतरे। यहां से पूरा परिवार हरिद्वार के लिए रवाना हुआ। हरिद्वार में हर की पैड़ी पर पुरोहितों द्वारा मुलायम सिंह यादव के अस्थि विसर्जन का अनुष्ठान कराया गया। विधि विधान के साथ पूजा अर्चना हुई। इसके बाद अखिलेश यादव ने कलश में रखीं पिता की अस्थियों को गंगा जी में प्रवाहित किया। इस दौरान अखिलेश की आंखों से आंसू छलक पड़े।

10 अक्टूबर को मेदांता में ली थी अंतिम सांस
आपको बता दें कि 10 अक्टूबर को गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में मुलायम सिंह यादव ने अंतिम सांस ली थी। उनके निधन की सूचना पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तत्काल हॉस्पिटल पहुंचे थे। इसके बाद अखिलेश यादव पिता के पार्थिव शरीर को लेकर सैफई के लिए रवाना हुए थे। अगले दिन 11 अक्टूबर को सैफई में नेताजी का अंतिम संस्कार हुआ। आज उनका हरिद्वार स्थित हर की पैड़ी पर अस्थि विसर्जन हुआ।

उत्तराखंड पुलिस रही तैनात
अस्थि विसर्जन को लेकर उत्तराखंड प्रशासन की ओर से भी इंतजाम किए गए थे। हर की पैड़ी पर भारी संख्या में उत्तराखंड पुलिस की तैनाती की गई। वहीं विसर्जन के दौरान जल पुलिस भी गंगा में तैनात रही। जब अखिलेश यादव ने अस्थि विसर्जन के बाद गंगा स्नान किया तब गंगा में तैराक खड़े रहे। अस्थि विसर्जन के बाद परिवार वापस सैफई के लिए रवाना हो गया।